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US Iran War: धमकियों के साए में नहीं झुकेगा ईरान! अमेरिका को खुली चुनौती, क्या बढ़ेगा टकराव?

ईरान ने धमकियों के बीच बातचीत से इनकार किया, अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और युद्धविराम पर अनिश्चितता के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं।

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एजेंसियां   
Last Updated- April 21, 2026 | 8:18 AM IST

US-Iran War: तेहरान से आई ताजा प्रतिक्रिया में ईरान ने साफ कर दिया है कि वह दबाव या धमकियों के माहौल में किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ (Mohammed Bagher Qalibaf) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि धमकी की छाया में वार्ता स्वीकार नहीं की जाएगी।

कालीबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान को झुकाने की कोशिश कर रहा है, जबकि ईरान खुद को मजबूत करने और नए विकल्प सामने लाने की तैयारी में है। उनके बयान से दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है।

दूसरी ओर, अमेरिका की तरफ से भी सख्त संकेत मिले हैं। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वह युद्धविराम की अवधि खत्म होने से पहले इसे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान जाने वाले थे, लेकिन ईरान ने बातचीत के अगले दौर को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई।

करीब दो महीने से जारी इस टकराव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। ईरान के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

इसी बीच, इजराइल और लेबनान ने संकेत दिया है कि वे वॉशिंगटन में होने वाली अगली वार्ता में हिस्सा लेंगे। यह बातचीत दोनों देशों के बीच दशकों बाद सीधे संवाद की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

US-Iran War: डेडलाइन से पहले समझौते पर जोर, Trump ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तय समय सीमा से पहले कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका “काफी बमबारी” कर सकता है। हालांकि, इसी के साथ उन्होंने बातचीत को लेकर उम्मीद भी जताई है।

ट्रंप ने यह बातें अलग-अलग मीडिया इंटरव्यू और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कही। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

यह पढ़ें: ट्रंप बोले: मेरे लोग बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं, अगर ईरान ने नहीं मानी बात तो मचा देंगे तबाही

14 दिन का युद्धविराम बुधवार को खत्म होने वाला है। इस बीच ट्रंप के बयान थोड़े विरोधाभासी नजर आए। एक ओर उन्होंने कहा कि उन पर युद्ध खत्म करने का कोई दबाव नहीं है, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा कि हालात जल्द बदल सकते हैं और बातचीत आगे बढ़ सकती है। उन्होंने पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में संभावित बातचीत का भी जिक्र किया।

इस बीच अमेरिका United States दूसरे दौर की बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी कर रहा है, जिसकी अगुवाई उपराष्ट्रपति JD Vance करेंगे। हालांकि, इसमें Iran की भागीदारी को लेकर अब भी स्थिति साफ नहीं है।

Tehran ने संकेत दिए हैं कि जब तक अमेरिका अपनी शर्तों में नरमी नहीं दिखाता, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर, तब तक वह बातचीत से दूरी बना सकता है।

अमेरिका-ईरान टकराव बढ़ा, होर्मुज पर फिर छाया संकट, शांति वार्ता पर सवाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। पिछले हफ्ते ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के बाद यह पहली ऐसी कार्रवाई है। ईरान ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है और कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

तनाव का असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी साफ दिख रहा है, जो दुनिया में तेल सप्लाई का एक अहम रास्ता है। ईरान ने पहले इस मार्ग को कुछ समय के लिए खोला, लेकिन बाद में फिर से आवाजाही रोक दी। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने संघर्ष विराम से जुड़े वादों का पालन नहीं किया।

होर्मुज जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल कारोबार गुजरता है। ऐसे में यहां पैदा हुआ तनाव वैश्विक सप्लाई पर असर डाल सकता है और बाजार में अनिश्चितता बढ़ा सकता है।

इन हालात के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या शांति वार्ता आगे बढ़ पाएगी या दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा होगा। फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

First Published : April 21, 2026 | 8:18 AM IST