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Ebola Alert: DGCA ने एयरलाइंस के लिए जारी किए सख्त नियम, यात्रियों की स्क्रीनिंग अनिवार्य

युगांडा और कांगो से आने वाले यात्रियों के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जरूरी, एयरलाइंस को उड़ान के दौरान स्वास्थ्य अलर्ट जारी करने के निर्देश।

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संकेत कौल   
Last Updated- May 26, 2026 | 12:47 PM IST

Ebola Outbreak: भारत के विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को इबोला को लेकर निर्देश दिया है। निर्देश में कहा गया कि युगांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) जैसे इबोला प्रभावित देशों से आने वाले या वहां से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों के लिए विमान से उतरने से पहले सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है। इसका मकसद बीमारी के संभावित प्रसार को रोकना है।

DGCA ने एयरलाइंस के लिए यह भी अनिवार्य किया है कि उड़ान के दौरान विशेष स्वास्थ्य संबंधी घोषणाएं की जाएं, ताकि इबोला के संभावित मामलों की जल्द पहचान हो सके और संक्रमण फैलने से रोका जा सके। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा DRC और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद उठाया गया है।

SOP में क्या है?

22 मई को जारी DGCA के कार्यालय आदेश में कहा गया कि DRC और युगांडा से सटे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, को बीमारी फैलने के हाई रिस्क वाले क्षेत्र के रूप में आंका गया है। नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, भारत पहुंचने वाले सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को, उनकी राष्ट्रीयता चाहे जो भी हो, सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (SDF) भरना और आगमन पर निर्धारित इमिग्रेशन या स्वास्थ्य काउंटर पर जमा करना होगा।

विशेष रूप से यात्रियों से कहा गया है कि यदि उन्हें बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, चकत्ते या रक्तस्राव जैसे लक्षण महसूस हों तो वे तुरंत एयरलाइन क्रू और भारत पहुंचने पर इमिग्रेशन या मेडिकल अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।

Ebola Outbreak: लक्षण पर चिकित्सा लें सहायता

DGCA ने एयरलाइंस को यह भी निर्देश दिया है कि यात्रियों को बताया जाए कि अगर भारत आने के 21 दिनों के भीतर इबोला जैसे लक्षण दिखाई दें तो वे तुरंत निर्धारित अस्पतालों में चिकित्सा सहायता लें और एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें।

इसके अलावा इबोला प्रभावित क्षेत्रों में उड़ान भरने वाली सभी एयरलाइंस से कहा गया है कि वे विमान में एक विशेष केबिन क्रू सदस्य को केवल संदिग्ध मरीज की देखभाल के लिए नियुक्त करें। साथ ही विमान के लैंड करने के बाद उसका सैनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए क्रू सदस्यों को उड़ान के दौरान अपनाए जाने वाले सार्वजनिक सुरक्षा उपायों पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

First Published : May 26, 2026 | 12:45 PM IST