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शेयर बाजार में छोटे शेयरों का धमाका, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचे

घरेलू खुदरा निवेशकों के भरोसे और मजबूत फंडामेंटल के दम पर निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सोमवार को अपने नए सर्वकालिक उच्चस्तर पर बंद हुए

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पुनीत वाधवा   
रेक्स कैनो   
Last Updated- July 13, 2026 | 9:35 PM IST

सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखी गई। इस दौरान निफ्टी मिडकैप 50 (18,106.85 के स्तर) और निफ्टी स्मॉलकैप 50 (9,648.45 के स्तर) इंडेक्स ने अपने-अपने सर्वकालिक उच्चस्तर को छू लिया। वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक निफ्टी 50 इंडेक्स में 8.5 फीसदी की बढ़त के मुकाबले इन दोनों इंडेक्स में क्रमशः 21 फीसदी और 29 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है।

पश्चिम एशिया में सप्ताहांत की भूराजनातिक घटना पर तात्कालिक प्रतिक्रिया करते हुए इंट्राडे में सोमवार को निफ्टी स्मॉलकैप 50 इंडेक्स गिरकर 9,517.25 के स्तर पर आ गया जबकि निफ्टी मिडकैप 50 इंडेक्स 17,910.60 के निचले स्तर पर पहुंच गया।

हालांकि, कारोबार बंद होने तक दोनों इंडेक्स में रिकवरी हुई और उनमें 0.2 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई। सोमवार को निफ्टी स्मॉलकैप 50 इंडेक्स 9,638.20 के नए उच्चस्तर पर पहुंचा। इससे पहले 10 जुलाई, 2026 को यह 9,621.15 के स्तर पर पहुंचा था। निफ्टी मिडकैप 50 भी 18,089.55 के नए उच्चस्तर पर बंद हुआ और उसने भी 10 जुलाई को बने 18,059.50 के पिछले उच्चस्तर को तोड़ दिया।

विश्लेषकों का कहना है कि वित्त वर्ष 27 में मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में आई तेज़ी मुख्य रूप से खुदरा निवेशकों की वजह से है, जो इन दोनों सेगमेंट को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक और निदेशक यू आर भट्ट ने कहा, चूंकि विदेशी निवेशक ज्यादातर लार्ज-कैप शेयरों में निवेश करते हैं, इसलिए भारतीय शेयरों में एफआईआई की दिलचस्पी कम होने के कारण वे पीछे रह गए हैं।

भट्ट ने कहा, खुदरा निवेशकों के लिए मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट पसंदीदा विकल्प रहे हैं। म्युचुअल फंडों को भी मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणियों में अच्छा निवेश मिल रहा है और वे इस पैसे को बाजार में इन्हीं सेगमेंट में लगा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह सिलसिला कुछ और समय तक जारी रहेगा।

आंकड़ों के मुताबिक अलग-अलग शेयरों में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स, लॉरस लैब्स, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे मिडकैप शेयरों में वित्त वर्ष 27 में अब तक 61 फीसदी तक की बढ़त हुई है। दूसरी ओर, एजिस लॉजिस्टिक्स, वेलस्पन कॉर्प, न्यूलैंड लैबोरेटरीज, हिमाद्रि स्पेशियलिटी केमिकल और बंधन बैंक जैसे स्मॉलकैप शेयरों में इस दौरान 108 फीसदी तक की तेजी आई है।

अबैकस म्युचुअल फंड के विश्लेषकों के अनुसार मिडकैप सेगमेंट में कमाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उनका मानना ​​है कि जैसे-जैसे कमाई बेहतर हो रही है, मजबूत फंडामेंटल और आकर्षक मूल्यांकन की वजह से कुछ खास शेयरों की कीमतों में औसत स्तर पर वापसी और तेजी देखने को मिल सकती है। अबैकस म्युचुअल फंड के सीईओ वैभव चुघ ने कहा, इसके अलावा बाजार अब व्यापक भागीदारी के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले कारोबारों को ज्यादा महत्त्व दे रहा है। मूल्यांकन उचित होने और कमाई की संभावनाओं में सुधार के साथ हमारा मानना ​​है कि यह श्रेणी अनुशासित निवेश के जरिये लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का आकर्षक अवसर देती है।

क्या कहते हैं चार्ट

जानकारों का कहना है कि तकनीकी चार्ट पर भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के लिए माहौल तेजी के पक्ष में बना हुआ है। ऐंजल वन में इक्विटी और डेरिवेटिव के तकनीकी विश्लेषक हितेश राठी के मुताबिक स्मॉलकैप इंडेक्स ने प्रतिरोध वाले अपने पिछले जोन (9,261) के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट दिया है, जो व्यापक तेजी फिर से शुरू होने का संकेत है।

उन्होंने कहा, इसके अलावा कैंडलस्टिक पैटर्न से पता चलता है कि खरीदारों ने कई टाइमफ्रेम पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह अल्पावधि में 11,050 के स्तर तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से इसमें करीब 15 फीसदी की बढ़त की गुंजाइश है।

इसी तरह का सकारात्मक नज़रिया रखते हुए जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स दोनों इंडेक्स में 5 फीसदी तक की बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि अल्पावधि में स्मॉलकैप, मिडकैप से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

First Published : July 13, 2026 | 9:35 PM IST