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चीन की बड़ी योजना: 2030 तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क 60,000 KM तक बढ़ाएगा, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खासा जोर

चीन अगले पांच साल में अपनी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को 19% बढ़ाकर 2030 तक 60,000 किलोमीटर तेज रेल लाइन बनाने की योजना बना रहा है

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रिमझिम सिंह   
Last Updated- January 05, 2026 | 5:11 PM IST

चीन अपनी रेल व्यवस्था को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, खासकर हाई-स्पीड रेल पर जोर देते हुए। इससे देश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक विकास को बल मिलेगा। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग का अगले पांच सालों में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की लंबाई को 19 फीसदी तक बढ़ाने का इरादा है, जिससे वह इस क्षेत्र में दुनिया का नंबर एक बना रहेगा।

रविवार को देश के राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर चाइना स्टेट रेलवे ग्रुप ने इस योजना का ऐलान किया। ब्लूप्रिंट के अनुसार, 2030 तक चीन का चलने वाला रेल नेटवर्क करीब 180,000 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। इसमें हाई-स्पीड रेल लाइनें लगभग 60,000 किलोमीटर की होंगी, जो पूरे नेटवर्क का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बनेंगी।

यह विस्तार देश की 2026-2030 की पंचवर्षीय योजना का हिस्सा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खासा जोर दिया गया है।

पिछले पांच सालों में तेज बढ़ोतरी

चीन के रेल नेटवर्क में पिछले कुछ सालों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। 2021 से 2025 के बीच हाई-स्पीड रेल सिस्टम की लंबाई करीब 33 फीसदी बढ़ी, जो 37,900 किलोमीटर से बढ़कर 50,400 किलोमीटर हो गई। इसी दौरान कुल रेलवे नेटवर्क 12.8 फीसदी बढ़ा और 146,300 किलोमीटर से 165,000 किलोमीटर तक पहुंच गया।

इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेलवेज (UIC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन अब दुनिया की कुल हाई-स्पीड रेल दूरी का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा रखता है।

ट्रैक की लंबाई बढ़ाने के अलावा चाइना स्टेट रेलवे ग्रुप ने कहा कि वह तकनीकी नवाचार को तेज करेगा। अगले पांच सालों में कंपनी 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए ऑपरेशनल टेस्टिंग और डिजाइन का काम पूरा करेगी, साथ ही ट्रायल वैलिडेशन को आगे बढ़ाएगी।

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कर्ज की चिंताएं और माली हालात

हाई-स्पीड रेल की कामयाबी के बावजूद भारी कर्ज और कम मुनाफे को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कुछ विश्लेषक तेज विस्तार पर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। इन चिंताओं का जवाब देते हुए कंपनी ने बताया कि 2025 के अंत तक उसका कर्ज-से-संपत्ति अनुपात एक प्रतिशत अंक गिरकर 62.5 फीसदी हो गया।

माली तौर पर रेलवे सिस्टम ने 2025 में परिवहन राजस्व 1.02 ट्रिलियन युआन दर्ज किया, जो पिछले साल से 3.1 फीसदी ज्यादा है। यह पहली बार है जब राजस्व 1 ट्रिलियन युआन के आंकड़े को पार कर गया।

विदेशी प्रोजेक्ट्स और वैश्विक कनेक्शन

चाइना स्टेट रेलवे ग्रुप ने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस में हुई प्रगति पर भी रोशनी डाली। मध्य एशिया और यूरोप से जुड़ी मालगाड़ी सेवाओं ने पिछले साल करीब 34,000 ट्रिप पूरी कीं, जिसमें 3 मिलियन से ज्यादा कंटेनर ले जाए गए।

इस साल कंपनी बड़े विदेशी प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाएगी। इनमें बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत 2025 के मध्य में निर्माण शुरू हुई चीन-किर्गिजस्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे शामिल है। साथ ही बुडापेस्ट-बेलग्रेड रेलवे का हंगरी वाला हिस्सा पूरा किया जाएगा, क्योंकि सर्बिया वाला हिस्सा पिछले अक्टूबर में खुल चुका है।

First Published : January 5, 2026 | 5:06 PM IST