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JFS CEO हितेश सेठिया का ऐलान: पहले होम लोन और सुरक्षित कर्ज पर फोकस, बाद में असुरक्षित ऋण में एंट्री

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सेठिया ने कहा कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज फिलहाल होम लोन जैसे सुरक्षित ऋणों पर ध्यान देगी। कंपनी भविष्य में आलियांज के साथ बीमा क्षेत्र और असुरक्षित ऋण बाजार में विस्तार करेगी

Last Updated- April 20, 2026 | 10:55 PM IST
Hitesh Sethia
जियो फाइनैंशियल सर्विसेज (जेएफएस) के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी हितेश सेठिया

जियो फाइनैंशियल सर्विसेज की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी जियो क्रेडिट मौजूदा समय में सुरक्षित ऋण उत्पाद वर्गों पर ध्यान केंद्रित करेगी। जियो फाइनैंशियल सर्विसेज (जेएफएस) के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी हितेश सेठिया ने कहा कि जियो क्रेडिट निश्चित महत्त्वपूर्ण स्तर पर पहुंचने के बाद असुरक्षित ऋण खंड में प्रवेश करेगी। सेठिया ने सुब्रत पांडा और मनोजित साहा से बातचीत के दौरान बताया कि जेएफएस ने हाल ही में पुनर्बीमा क्षेत्र में अपना कारोबार शुरू किया है। वह उचित समय आने पर आलियांज के साथ अपना जीवन और सामान्य बीमा संयुक्त उद्यमों के लिए बाध्यकारी समझौतों पर हस्ताक्षर करेगी। पेश हैं मुख्य अंश:

जेएफएस की ऋण देने वाली इकाई जियो क्रेडिट वित्त वर्ष 2026 में वृद्धि की प्रमुख इंजन थी। क्या यह वृद्धि वित्त वर्ष 2027 में भी जारी रहेगी?

हमारा आधार बाजार के आकार और हमारी अपनी आकांक्षाओं की तुलना में अभी भी अपेक्षाकृत कम है। सौभाग्य से, हमारे लिए पूंजी कोई बाधा नहीं है। ऋण देने के मामले में जब आपके पास पूंजी हो, वितरण व जोखिम सुरक्षा उपाय हों तो वृद्धि काफी तेजी से हो सकती है। हमें विश्वास है कि वृद्धि मजबूत बना रहेगी। बाजार अभी भी मजबूत है, यह कम से कम उन ऋण खंडों में मजबूत है, जहां हम काम करते हैं – हम आमतौर पर गृह ऋण, शेयरों पर ऋण और संपत्ति पर ऋण क्षेत्रों में काम करते हैं।

अहम बात यह है कि अन्य संस्थानों ने असुरक्षित ऋण खंड में शुरुआत की, फिर सुरक्षित ऋण की ओर बढ़े। हालांकि हमने इसके विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है। हमने हमेशा कहा है कि हमारे पास पहले से ही ब्रांड और पूंजी है। हमारे पास अपने पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ है। लिहाजा वितरण को बहुत तेजी से बनाया जा सकता है। हम सुरक्षित ऋण से शुरुआत करना चाहते हैं, एक मजबूत बैलेंस शीट बनाना चाहते हैं और उसके बाद धीरे-धीरे अपनी बैलेंस शीट और  लाभ व हानि के विकास के अनुरूप जोखिम उठाने की क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।

रिजर्व बैंक ने हाल ही में एक अपर लेयर एनबीएफसी बनने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की पात्रता मानदंड प्रस्तावित की है। जियो क्रेडिट कब तक 1 लाख करोड़ रुपये के एयूएम के स्तर तक पहुंच सकता है?

चाहे वह अपर लेयर हो या मिडिल लेयर, हम पहले से ही  कॉरपोरेट गवर्नेंस के उच्चतम संभव मानकों का पालन कर रहे हैं। इन उच्चतम मानकों का पालन एक बैंक या अपर-लेयर एनबीएफसी पालन करता है। हमारे लिए यह केवल रिजर्व बैंक के किए गए वर्गीकरण का मामला है। इसका हम निश्चित रूप से सम्मान करते हैं और उसका पालन करेंगे।  

मैंने एक बार पहले भी कहा था कि एक बार पूंजी, जोखिम सुरक्षा उपाय और वितरण स्थापित हो जाने के बाद वे संख्याएं स्वत: हासिल होंगी। हम निश्चित रूप से 1 लाख करोड़ रुपये तक कब पहुंचेंगे आदि के बारे में भविष्य पर आधारित बयान देने से बच रहे हैं। लेकिन वृद्धि तेज होगी – यह केवल समय की बात है।

आप खुदरा क्षेत्र में असुरक्षित ऋण कब शुरू करने पर विचार करेंगे?

अभी नहीं। मैं इसे इस तरह से कहूंगा – हम मूल्यांकन करते रहेंगे लेकिन उचित समय पर। यह कुछ ऐसा है जिसका हम लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं।

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First Published - April 20, 2026 | 10:17 PM IST

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