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ATM में पैसे के संकट पर RBI सख्त, गवर्नर मल्होत्रा बोले: नकदी की किल्लत को तुरंत दूर किया जाएगा

एटीएम में कैश की किल्लत पर आरबीआई गवर्नर ने तुरंत सप्लाई का भरोसा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में मांग के मुकाबले केवल 57% नकदी ही ATM को मिली

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अनुप्रेक्षा जैन   
Last Updated- June 06, 2026 | 9:19 AM IST

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने शुक्रवार को कहा कि सिस्टम में पर्याप्त मुद्रा उपलब्ध है। उन्होंने भरोसा दिया कि नकदी की किसी भी किल्लत को तुरंत दूर किया जाएगा। यह बात उन्होंने कुछ जगहों पर नकदी की उपलब्धता की चिंता के संदर्भ में कही। मल्होत्रा ने कहा, ‘यदि नकदी की कमी होती है तो हम नि​श्चित ही यह पक्का करेंगे कि उसे दूर किया जाए। हमारी पूरी कोशिश होगी कि जहां भी एक-दो जगह पर एटीएम में नकदी की कमी है, वहां हम तेजी से नकदी पहुंचाएं।’ 

कॉन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (सीएटीएमआई)-कैटमी ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) को 2 जून को लिखे पत्र में कहा कि उसके सदस्यों को दिसंबर 2025 के आखिर से कई राज्यों की बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट से एटीएम के लिए कैश निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कैटमी ने पत्र में कहा, ‘अगर एटीएम में पैसे नहीं भरे जा सकते, तो उससे पैसे नहीं निकल सकते। ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ता है और ट्रांजैक्शन नहीं हो पाता है। यह बैंकों की तरफ से रुकावट है और यह ठीक वैसी ही सिस्टम से जुड़ी अलग-अलग बैंकों के बीच समस्या है, जिसमें एसोसिएशन के तालमेल से बड़ा बदलाव आ सकता है।’

कैटमी या सीएटीएमआई एक पंजीकृत गैर-लाभकारी व्यापार संगठन है जो एटीएम बनाने और आउटसोर्सिंग कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। 

कैटमी की ओर से आईबीए को दिए गए आंकडों के अनुसार एटीएम में कैश भरने के लिए मांगी गई रकम के मुकाबले असल में मिले कैश का अनुपात (नेशनल कैश फुलफिलमेंट) नवंबर 2025 में लगभग 80 प्रतिशत से घटकर अप्रैल 2026 में 57 प्रतिशत हो गया। इस दौरान मांगी गई रकम और असल में मिली रकम के बीच का अंतर 20 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गया।

हाल के महीनों में नकद भरने में गिरावट तेज हुई है। यह फरवरी में 71 प्रतिशत थी जो घटकर मार्च में 64 प्रतिशत और अप्रैल में 57 प्रतिशत रह गई। कैटमी ने कहा कि नकदी की मांग और नकदी की प्राप्ति के बीच बढ़ता अंतर एटीएम से नकदी की अनुपलब्धता (कैश-आउट) और डाउनटाइम का प्रमुख कारण बन गया है।

मार्च और अप्रैल में, एटीएम ऑपरेटरों ने सामूहिक रूप से प्रत्येक माह लगभग 94,000 करोड़ रुपये की नकदी की मांग की। लेकिन मार्च में प्राप्त नकदी लगभग 61,000 करोड़ रुपये और अप्रैल में 54,000 करोड़ रुपये रही।

First Published : June 6, 2026 | 9:19 AM IST