प्रतीकात्मक तस्वीर
डीएसपी म्युचुअल फंड (DSP Mutual Fund) ने मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स (MAAFs) को लेकर एक नया डिजिटल कैंपेन शुरू किया है। इस अभियान का मकसद निवेशकों को इन फंड्स की असली भूमिका समझाना है। साथ ही, उन्हें शॉर्ट-टर्म रिटर्न से आगे देखने और लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो बनाने में इन फंड्स की भूमिका पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब इस कैटेगरी में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम में आए कुल निवेश (नेट इनफ्लो) में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स की हिस्सेदारी 27 फीसदी रही। यह पिछली तिमाही के 21 फीसदी और पिछले साल इसी अवधि के 6 फीसदी के मुकाबले ज्यादा है। DSP म्युचुअल फंड ने भी कहा है कि उसके मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या पिछले साल के मुकाबले तीन गुना हो गई है।
Also Read: म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में जल्द दस्तक देगी कार्नेलियन, SEBI से मिली मंजूरी
फंड हाउस ने कहा कि उसके रिसर्च में पाया गया कि कई निवेशक मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स का आकलन मुख्य रूप से हालिया प्रदर्शन के आधार पर करते हैं, जबकि वे इस कैटेगरी के उद्देश्य को पूरी तरह से नहीं समझते हैं। ऐसा नजरिया निवेशकों की अपेक्षाओं को अवास्तविक बना सकता है और बाजार की परिस्थितियां बदलने पर वे समय से पहले निवेश से बाहर निकल सकते हैं।
निवेशकों के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने के लिए फंड हाउस ने 100 से ज्यादा निवेशकों की सर्च क्वेरी का विश्लेषण किया और उन्हें दो ग्रुप में बांटा।
पहले ग्रुप को ‘रिटर्न सीकर्स’ नाम दिया गया, जो मुख्य रूप से हालिया रिटर्न, रैंकिंग और मौजूदा बाजार परिस्थितियों में इस कैटेगरी में निवेश करना सही है या नहीं, जैसे सवालों पर ध्यान देते हैं। वहीं दूसरे ग्रुप, ‘डाइवर्सिफायर्स’, की दिलचस्पी पोर्टफोलियो बनाने, डाइवर्सिफिकेशन, एसेट एलोकेशन और अलग-अलग मार्केट साइकिल में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स की भूमिका को समझने में ज्यादा होती है।
इन जानकारियों के आधार पर डीएसपी म्युचुअल फंड ने एक AI- पावर्ड डिजिटल कैंपेन तैयार किया है, जो निवेशकों की सर्च मंशा (Search Intent) के अनुसार अलग-अलग तरह की जानकारी उपलब्ध कराता है। हालिया रिटर्न की तलाश करने वाले निवेशकों को सबसे पहले मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स (MAAFs) की भूमिका और उनसे जुड़ी वास्तविक अपेक्षाओं को समझाया जाता है। वहीं, डाइवर्सिफिकेशन में रुचि रखने वाले निवेशकों को यह बताया जाता है कि अलग-अलग एसेट क्लास मिलकर किस तरह ज्यादा मजबूत और संतुलित पोर्टफोलियो बनाने में मदद कर सकते हैं।
फंड हाउस के अनुसार, इस कैंपेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल निवेशकों के सर्च व्यवहार का विश्लेषण करने और बड़ी संख्या में सर्च क्वेरी को व्यवस्थित करने के लिए किया गया है, जिससे उनकी जरूरत के मुताबिक ज्यादा पर्सनलाइज्ड जानकारी दी जा सके। हालांकि, कैंपेन का मुख्य उद्देश्य सभी निवेशकों को एक जैसी जानकारी देना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक सवालों का सही और प्रासंगिक जवाब देना है।
Also Read: नॉमिनी के लिए राहत, सेबी ने बदली म्युचुअल फंड क्लेम प्रक्रिया; जानिए क्या बदला
यह अभियान डिजिटल सर्च, मेट्रो शहरों और देश के टॉप-20 शहरों में डिस्प्ले एड्स, सोशल मीडिया और ऑडियो प्लेटफॉर्म्स के जरिए चलाया जाएगा। इसके तहत गूगल, मेटा, लिंक्डइन, एक्स (पूर्व में ट्विटर), स्पॉटिफाई, रेड एफएम, रेडिट, टिकरटेप और CRED जैसे प्लेटफॉर्म्स पर निवेशकों तक पहुंच बनाई जाएगी।
DSP म्युचुअल फंड में डायरेक्ट और इंस्टीट्यूशनल मार्केटिंग के हेड मनीष राठी ने कहा कि यह कैंपेन यह देखने के बाद बनाया गया था कि मल्टी एसेट एलोकेशन फंड के बारे में जानकारी जुटाने वाले निवेशक अलग-अलग तरह के जवाब ढूंढ रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम सभी निवेशकों से एक ही तरह से संवाद करने के बजाय उनकी अलग-अलग जरूरतों और सोच के अनुरूप जानकारी देना चाहते थे। यदि यह कैंपेन निवेशकों को बेहतर सवाल पूछने और मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स की वास्तविक भूमिका को लेकर अधिक व्यावहारिक अपेक्षाएं विकसित करने में मदद करता है, तो हमारा मानना है कि यह अपने उद्देश्य को पूरा करेगा।