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HDFC Bank में 9 साल बाद कर्मचारियों की संख्या घटी, AI और टेक्नोलॉजी पर बढ़ा फोकस

बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि कर्मचारियों को बैकएंड कार्यों से ग्राहक केंद्रित भूमिकाओं में नए सिरे से तैनाती की जा रही है

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सुब्रत पांडा   
Last Updated- July 12, 2026 | 9:37 PM IST

एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने कर्मचारियों की संख्या में 3,343 की कटौती की है। इस प्रकार उसके कर्मचारियों की कुल संख्या घटकर 2.11 लाख रह गई है। पिछले नौ वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है क्योंकि देश का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक प्रौद्योगिकी के उपयोग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के विकास में तेजी से अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है। इससे पहले ऐ​क्सिस बैंक ने प्रौद्योगिकी में अपने निवेश के कारण उत्पादकता में हुए सुधार को देखते हुए वित्त वर्ष 2026 में कर्मचारियों की संख्या में करीब 3,100 की कटौती की थी।

एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्या​धिकारी शशिधर जगदीशन ने नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबो​धित करते हुए कहा, ‘प्रौद्योगिकी से संचालित और ग्राहक केंद्रित बैंक बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के साथ ही हमें कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने की आवश्यकता है। हम अपने लोगों को प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर अधिक उत्पादक तरीके से और ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से काम करने में सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’

बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि कर्मचारियों को बैकएंड कार्यों से ग्राहक केंद्रित भूमिकाओं में नए सिरे से तैनाती की जा रही है। बैकएंड कार्यों में प्रौद्योगिकी आधारित दक्षता हासिल की गई है। जगदीशन ने कहा, ‘हम काफी सोच-समझकर प्रतिभाओं को बैकएंड कार्यों से अलग कर रहे हैं क्योंकि वहां प्रौद्योगिकी आधारित दक्षता लाई जा सकती है। इसलिए हम कर्मचारियों को ग्राहक केंद्रित भूमिकाओं में भेज रहे हैं।’

एचडीएफसी बैंक देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक के बाद वाणिज्यिक बैंकों में दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है। वित्त वर्ष 2026 में बैंक ने वरिष्ठ, मध्य और निचले प्रबंधन सहित सभी स्तरों पर कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की। मगर साल के दौरान इसके गैर-पर्यवेक्षी कर्मियों की संख्या 8,153 घटकर 1,62,797 रह गई। इससे कर्मचारियों की कुल संख्या 2,11,178 रह गई जो वित्त वर्ष 2025 में 2,14,521 थी।

वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, निचले प्रबंधन स्तर पर कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2025 में 34,165 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 37,708 हो गई। मध्य प्रबंधन स्तर पर कर्मचारियों की संख्या 9,159 से बढ़कर 10,411 और वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर 247 से बढ़कर 262 हो गई। इससे पहले वित्त वर्ष 2017 में बैंक के कर्मचारियों की संख्या घटी थी जब उसमें 3,230 कर्मियों की कमी आई थी।

बैंक ने कहा कि वह एआई के विकास में अपनी सार्थक भागीदारी के लिए दक्षता तैयार रहा है। उसने वित्त वर्ष 2026 में ग्राहक एवं परिचालन के प्रमुख कार्यों में एआई का इस्तेमाल शुरू किया। इनमें ग्राहकों के साथ रियल टाइम जुड़ाव, स्वचालित कार्ड प्रॉसेसिंग एवं व्यापार संचालन, जोखिम की निगरानी और कर्मचारियों के नियमित कार्यों का स्वचालन शामिल है। इसे मुख्य तौर पर नीव द्वारा रफ्तार दी जा रही है जो उसका इनहाउस एंटरप्राइज एआई प्लेटफॉर्म है। यह मॉडल ऐक्सेस, प्रशासन और कार्यों को एकीकृत करता है। 

जगदीशन के अनुसार, बैंक में इनहाउस प्लेटफॉर्म एआई की तैनाती के लिए एक एकीकृत आधार प्रदान करता है। इससे स्थिरता, दोबारा इस्तेमाल और एंटरप्राइज मानकों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होता है। ग्राहकों के सवालों का तुरंत एवं बेहतर जवाब देने में कर्मचारियों को एआई से संचालित समाधान मदद कर रहे हैं। इसके अलावा खुदरा परिसंपत्तियों में एआई ऐ​प्लिकेशन से ऋण संबंधी निर्णय और उत्पादकता में सुधार हो रहा है। परिचालन के मोर्चे पर एआई की मदद से लेनदेन को तुरंत एवं सटीक तरीके से निपटाने में मदद मिल रही है।

एचडीएफसी बैंक में कर्मचारियों के छोड़ने की दर (एट्रिशन रेट) वित्त वर्ष 2026 में मामूली बढ़कर 23.1 फीसदी हो गई जो वित्त वर्ष 2025 में 22.6 फीसदी थी। मगर यह अभी भी वित्त वर्ष 2024 में दर्ज करीब 27 फीसदी और वित्त वर्ष 2023 की 34.2 फीसदी के मुकाबले काफी कम है।

बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा को दमदार परफॉर्मेंस बोनस के कारण वित्त वर्ष 2026 में सबसे अधिक वेतन मिला। उनका कुल नकद वेतन-पैकेज वित्त वर्ष 2026 के लिए 17.14 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 11.01 करोड़ रुपये था। जगदीशन को 15.13 करोड़ रुपये मिले जबकि वित्त वर्ष 2025 में उन्हें 12.06 करोड़ रुपये मिले थे।

इसी साल मार्च में इस्तीफा देने वाले पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को वित्त वर्ष 2026 में आनुपातिक आधार पर 48.25 लाख रुपये का पैकेज मिला जबकि 50 लाख रुपये का वार्षिक वेतन-पैकेज स्वीकृत था। उन्हें बोर्ड और समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए बतौर शुल्क 59 लाख रुपये मिले।

बैंक ने अपने कंपनी प्रशासन मानकों का पुरजोर बचाव किया है। ऐसा खास तौर पर चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद किया गया क्योंकि उन्होंने बैंक की बोर्ड प्रक्रियाओं और निरीक्षण पर सवाल खड़े किए थे।

एचडीएफसी बैंक के अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन केकी मिस्त्री ने शेयरधारकों को संबो​धित करते हुए कहा, ‘बैंक बोर्ड के साथ-साथ मैं भी आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि यह कंपनी प्रशासन के दमदार सिद्धांतों और मूल्यों पर मजबूती से टिका हुआ है।’

जगदीशन ने कहा कि बैंक के दमदार प्रशासन मानकों को सुदृढ़ करने के लिए निदेशक मंडल ने चक्रवर्ती के बयान की जांच के लिए बाहरी कानून फर्मों को तुरंत नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि बैंक के एडीआर (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट) एनवाईएसई पर सूचीबद्ध हैं। ऐसे में बोर्ड ने इस जांच में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानून फर्मों को शामिल करना उचित समझा।

जगदीशन ने कहा, ‘बैंक ने 26 जून को बाहरी कानून फर्मों का निष्कर्ष साझा किया। उसमें बुनियादी तौर पर यह बताया गया था कि रिकॉर्ड और गवाहों से बातचीत में चक्रवर्ती के बयान और उसके निहितार्थों की पुष्टि नहीं हुई।’

First Published : July 12, 2026 | 9:37 PM IST