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मनरेगा के तहत मजदूरी बढ़ी, हरियाणा दे रहा सबसे अधिक पैसा; जानिए अन्य राज्यों का क्या है हाल

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भाषा
Last Updated- March 26, 2023 | 5:18 PM IST

केंद्र ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत मजदूरी दरों में वृद्धि को अधिसूचित किया है। इसके तहत हरियाणा में सबसे अधिक मजदूरी 357 रुपये प्रति दिन और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सबसे कम 221 रुपये है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 24 मार्च को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी दरों में बदलाव की अधिसूचना जारी की।

अधिसूचना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 की धारा 6(1) के तहत जारी की गई, जिसमें कहा गया है कि केंद्र अधिसूचना द्वारा अपने लाभार्थियों के लिए मजदूरी दर निर्धारित कर सकता है।

मजदूरी में वृद्धि सात रुपये से लेकर 26 रुपये तक की गई है। संशोधित दर एक अप्रैल से लागू होगी। पिछले वर्ष की दरों की तुलना में राजस्थान में मजदूरी में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। राजस्थान के लिए संशोधित मजदूरी 255 रुपये प्रति दिन है, जो 2022-23 में 231 रुपये थी।

बिहार और झारखंड ने पिछले साल की तुलना में लगभग आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। पिछले साल, इन दोनों राज्यों में किसी मनरेगा मजदूर के लिए दैनिक मजदूरी 210 रुपये थी। अब इसे संशोधित कर 228 रुपये कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लिए, जहां सबसे कम दैनिक मजदूरी 221 रुपये है, पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2022-23 में, दोनों राज्यों में दैनिक मजदूरी 204 रुपये निर्धारित थी।

राज्यों के लिए मजदूरी में वृद्धि दो से 10 प्रतिशत के बीच है। सबसे कम प्रतिशत वृद्धि दर्ज करने वाले राज्यों में कर्नाटक, गोवा, मेघालय और मणिपुर शामिल हैं।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों रोजगार की गारंटी दी जाती है।

First Published : March 26, 2023 | 5:18 PM IST