यूनिटेक पैसों के लिए बेचेगी संपत्ति

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 5:48 AM IST

देश की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट डेवलपर यूनिटेक ने मौजूदा वित्तीय संकट की मार से उबरने के लिए होटल और व्यावसायिक रियल एस्टेट जैसी अपनी कुछ परिसंपत्तियां बेच कर कोष जुटाने की योजना बनाई है।


कंपनी पर मौजूदा समय में 8200 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी मार्च 2009 तक आवासीय परियोजनाओं के लिए निजी इक्विटी फंड की भी योजना बना रही है। इसके अलावा कंपनी 1200 करोड़ रुपये का कर्ज अपने दूरसंचार संयुक्त उपक्रम को स्थानांतरित करेगी।

यूनिटेक के चेयरमैन रमेश चंद्रा ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा कि कंपनी होटलों और वाणिज्यिक क्षेत्र की बिक्री कर लगभग 1500 करोड़ रुपये जुटाएगी।

इसके अलावा यह अपने दूरसंचार उपक्रम को 1200 करोड़ रुपये का कर्ज स्थानांतरित करेगी और कर्ज अदायगी के तौर पर संयुक्त उपक्रम से 300 करोड़ रुपये प्राप्त करेगी।

चंद्रा ने कहा, ‘यूनिटेक जनवरी तक इन सभी रास्तों के जरिये 2500 करोड़ रुपये जुटा लेगी।’ कंपनी ने अपने भूखंडों और अस्पतालों को भी बेचने का फैसला किया है।

कंपनी के पास मौजूदा समय में लगभग 27 भूखंड हैं जिनमें से ज्यादातर भूखंड पांच एकड़ में फैले हुए हैं। इसके अलावा इसके पास 15 अन्य भूखंड अस्पतालों के लिए चिन्हित किए गए हैं।

कंपनी अपनी होटल परियोजनाओं में से तीन में विनिवेश पर भी विचार कर रही है। ये परियोजनाएं पूरा होने के करीब हैं। इन परियोजनाओं में विनिवेश की प्रक्रिया को 2009 तक अंजाम दिया जा सकता है।

यह गुड़गांव में 199 कमरे के बजट होटल कोर्टयार्ड बाई मैरियट की बिक्री के लिए बातचीत के अग्रिम चरण में है और जनवरी से पहले इस सौदे के पूरा हो जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘ऐसी कई परियोजनाएं हैं जिनमें कंपनी निजी इक्विटी कंपनियों के साथ मिल कर संयुक्त उपक्रम बनाएगी। इन प्रत्येक संयुक्त उपक्रमों में निवेश आकार 4 करोड़ डॉलर के आसपास होगा।’

उन्होंने कहा कि ऋण की ब्याज दरें बेहद ऊंची बनी हुई हैं और सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।

First Published : November 28, 2008 | 12:11 AM IST