नकदी को तरसती रियल्टी उद्योग की प्रमुख कंपनी यूनिटेक ने पैसे के जुगाड़ के लिए इस्पात बनाने वाली प्रमुख कंपनी उड़ीसा स्पान्ज आयरन ऐंड स्टील में अपनी हिस्सेदारी को बेचने का फैसला लिया है।
कंपनी प्रवर्तक रमेश चंद्रा और उनके परिवार की उड़ीसा स्पॉन्ज में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके लिए वे देश और विदेश की प्रमुख इस्पात कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं।
इन्वेस्टमेंट बैंकों का कहना है कि उड़ीसा स्पॉन्ज में चंद्रा परिवार ने 2006 और 2007 में हिस्सेदारी खरीदी थी और अब वे कोरिया की इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पोस्को के साथ बातचीत कर रहा है।
पोस्को उड़ीसा में 1.20 करोड़ टन क्षमता वाली परियोजना लगा रही है जो देश के इस्पात उद्योग की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है।
इसके अलावा कंपनी उड़ीसा स्पॉन्ज में 6 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली दिल्ली की भूषण स्टील से भी बातचीत कर रही है। सूत्रों का कहना है, ‘कंपनी दो वैश्विक दिग्गजों और दो घरेलू कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है।’
पोस्को के प्रवक्ता का कहना है कि उनके पास इस तरह के कारोबार की कोई जानकारी नहीं है और भूषण स्टील के प्रबंध निदेशक नीरज सिंघल ने कंपनी की चंद्रा परिवार के साथ किसी भी तरह के मोल-भाव की बात से इनकार कर दिया।
उनका कहना है, ‘यह निवेश से जुड़ा एक अहम फैसला है। इस्पात की कीमतें आगे चलकर और भी कम होने की आशंका है, इसीलिए हम इसमें अपने निवेश को बरकरार नहीं रखना चाहते।’
चंद्रा परिवार के इस सौदे को उद्यम की कीमत लगभग 2,000 करोड़ रुपये में निपटाने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि उन्हें उनकी हिस्सेदारी के लिए 500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
इस कदम को देश की दूसरी सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी यूनिटेक की ओर से पैसा उगाहने और अपने 8,000 करोड़ रुपये के कर्ज को कम करने के गंभीर प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण इस साल की शुरुआत में कंपनी को जारी हुए वारंट की राशि निकालने के बाद लगभग 300 करोड़ रुपये है।
यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उड़ीसा स्पॉन्ज के प्रबंध निदेशक मुनीर मोहंती को संपर्क किया गया, लेकिन वे टिप्पणी के लिए मिल नहीं सके।