सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज लिमिटेड के संस्थापक बी. रामालिंग राजू के बेटों की प्रवर्तित कंपनी मायटास इन्फ्रा लिमिटेड की नवगठित बोर्ड के सदस्य कॉर्पोरेट कर्ज पुरर्संरचना और विभिन्न परियोजनाओं के बाबत गुरुवार को एक बैठक करेंगे।
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं को सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदम पर भी चर्चा होगी। इस मसले पर टैक्स वकील और बोर्ड के सदस्य ओ. पी. वैश्य ने बिजनेस स्टैंडर्ड ने कहा कि बोर्ड बैठक में मायटास से जुड़ी तमाम बातों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, ‘हाल के घटनाक्रम से कंपनी के प्रबंधन और कार्यकलाप पर जो बुरा असर पड़ा है, उसे सुधारने की पूरी कोशिश की जाएगी।’ इसके अलावा बोर्ड सूचीबद्ध कंपनियों के मुताबिक विभिन्न तरह की समितियों का भी गठन करेगी। कंपनी बैंकों से संपर्क करेगी, ताकि विभिन्न परियोजनाओं को पूरा किया जा सके।
वैश्य कहते हैं, ‘अभी के दौर में यह कहना मुश्किल होगा कि इस तरह के उपायों से कंपनी की हालत ठीक होगी या नहीं।’ बोर्ड के दूसरे सदस्य और इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष वेद जैन बुधवार की शाम मायटास प्रॉपर्टीज के ग्राहकों से मुलाकात कर रहे हैं। वैश्य और जैन की नियुक्ति के बाद मायटास की नवगठित बोर्ड की गुरुवार को दूसरी बैठक होगी।
पिछले सप्ताह वैश्य की अध्यक्षता में विभिन्न हिस्सेदारों के साथ कंपनी बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें यह तय किया गया कि 25 मार्च तक कर्ज के लिए बैंकों से बात की जाएगी। बोर्ड ने इस बाबत मायटास से परियोजना संबंधी ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। बोर्ड ने इस बात को स्वीकार किया कि रामालिंग राजू द्वारा फर्जीवाड़े की स्वीकृति के बाद मायटास की साख पर जबर्दस्त धक्का लगा है।