लगभग 4,000 करोड़ रुपये की पूंजी वाली घड़ी और आभूषण रिटेलर टाइटन इंडस्ट्रीज अपने प्रेसिजन इंजीनियरिंग डिवीजन को एक संयुक्त उपक्रम में तब्दील किए जाने पर विचार कर सकती है।
टाटा गु्रप और तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के संयुक्त स्वामित्व वाली टाइटन इंडस्ट्रीज ने 2002 में प्रेसिजन इंजीनियरिंग डिवीजन शुरू किया था और यह कारोबार लगातार तेज गति से बढ़ रहा है। इस डिवीजन का ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस उद्योगों में ग्राहक आधार तेजी से बढ़ा है।
यह डिवीजन अब चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में भी विशेषज्ञता हासिल करने जा रहा है। टाइटन इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक भास्कर भट ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि एक संयुक्त उपक्रम में प्रेसिजन इंजीनियरिंग डिवीजन बनाए जाने का विकल्प एक संभावना है, जिस पर कंपनी बाद में विचार कर सकती है।
भट ने कहा कि यह डिवीजन पूरी तरह से मजबूत है और हमने विभिन्न विकल्पों पर अभी फैसला नहीं किया है। इस उद्योग के सूत्रों ने संकेत दिया है कि संयुक्त उपक्रम की यह संभावना प्रौद्योगिकी की पहुंच पर आधारित होगी।
प्रेसिजन इंजीनियरिंग डिवीजन की ग्राहक सूची में डेल्फी, बॉश, 3एम, प्राट ऐंड व्हिटनी, एलऐंडटी, एचएएल, विस्टियोन, फोर्ड आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। डिवीजन का राजस्व तकरीबन 75 करोड़ रुपये का है।
प्रेसिजन इंजीनियरिंग डिवीजन एक नई उत्पाद श्रृंखला की पेशकश करता है जिसमें प्वाइंटर, फ्यूल गेज, टेम्परेचर गेज, गियर शिफ्ट इंडिकेटर, ऑटोमोबाइल के लिए घड़ियां जैसे डैशबोर्ड क्लस्टर शामिल हैं।
कंपनी ने अपने वैल्यू चेन में इजाफा किया है और इसने हाल ही में यूनाइटेड टेक्नोलॉजीज की सहयोगी कंपनी हेमिल्टन संडस्ट्रैंड के साथ तीन साल के लिए एक समझौता किया है।