शुरू हो गया असत्यम से सत्यम का सफर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:21 AM IST

भारत के इतिहास में पहली बार हजारों करोड़ रुपये के घोटाले से लगभग डूबने के कगार पर पहुंची देश की चौथी सबसे बड़ी आईटी कंपनी रही सत्यम का नया सफर अब शुरू हो गया है।
महीनों चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार मझधार में डूबती सत्यम को नया खिवैया मिल ही गया। जाहिर है, सत्यम का यह सौदा न सिर्फ इसके खिवैया के लिए अहम है बल्कि भारतीय कारोबार जगत और खासतौर पर आईटी के लिए तो यह बेहद महत्वपूर्ण है।
खोई साख लौटाना सबसे बड़ी चुनौती
टेक महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा
सत्यम को फिर से खड़ा करना कंपनी की पहली चुनौती होगी। निर्णायक हिस्सेदारी खरीदने के बाद हमारे समक्ष सत्यम की खोई साख को लौटाने की बड़ी जिम्मेदारी है। इस सौदे के बाद टेक महिंद्रा को भी अपने कारोबार के विविधीकरण में मदद मिलेगी। इस खरीद के बाद टेक महिंद्रा भारत की प्रमुख आउटसोर्सिंग कंपनियों में शुमार हो सकती है।  
दुनिया कर रही होगी तारीफ
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
सत्यम की बिक्री प्रक्रिया से मैं वाकिफ नहीं हूं। ये फैसले बोर्ड कर रहा है, जो सबसे अच्छा होगा, उन्होंने वही किया होगा। मुझे लगता है कि पूरी दुनिया भारत की सराहना कर रही है।  सत्यम घोटाला सिर्फ एक कंपनी तक सीमित है लेकिन मुझे भरोसा है कि हमारी नियामक प्रणाली में लचीलापन और मजबूती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सत्यम जैसी घटना फिर से न हो सके।  
फिर से बहाल होगा भरोसा
हर्षपति सिंघानिया, अध्यक्ष, फिक्की
बोली प्रक्रिया आराम से निपटने से यह स्पष्ट होता है कि सत्यम घोटाले से भारत की कंपनियों की विश्वसनीयता में जो कमी आई थी, वह फिर से बहाल हो सकेगी। साथ ही सत्यम को नई शुरुआत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले सॉफ्टवेयर और सेवा आपूर्तिकर्ता के तौर पर अपनी प्रतिष्ठा फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी। 
झूम उठेगा समूचा बाजार
सज्जन जिंदल, अध्यक्ष, उद्योग मंडल
यह फैसला सिर्फ सत्यम और इसके कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बाजार के लिए अच्छी खबर है। इससे साबित होता है कि किसी भी तरह के कॉरपोरेट संकट से निपटने के लिए भारत में पर्याप्त संस्थागत तंत्र मौजूद हैं। 
बाजार तो उछलना ही था
जगन्नाधाम थुनुगुंटाला
इक्विटी हेड, एसएमसी कैपिटल
सत्यम को खरीदने वाली कंपनी की घोषणा के बाद बाजार में उछाल आना कोई आश्चर्यजनक नहीं है। कई तरह के विलय और अधिग्रहण के बाद ऐसा उछाल पहले भी देखा गया है। वैसे भी अच्छी खबर को लेकर बाजार की प्रतिक्रिया सकारात्मक ही होती है।
नई इबारत लिखी जाने लगी
किरण कार्णिक
अध्यक्ष, सत्यम पुनर्गठित बोर्ड
साफ-सुथरी, मुक्त और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी का चयन करना इस बात का संकेत देता है कि सत्यम की स्थिरता और विकास की इबारत लिखी जानी शुरू हो गई है।

First Published : April 14, 2009 | 3:47 PM IST