देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपने 1,300 कर्मचारियों को उनके खराब प्रदर्शन के चलते बाहर का रास्ता दिखाने का निर्णय लिया है।
कंपनी ने साथ ही लागत घटाने और बहीखाता दुरुस्त करने के लिए कई और कदम उठाए हैं। इनमें बसों को किराया बढ़ाने जैसे निर्णय शामिल हैं।
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने दुनिया भर से करीब 1,300 कर्मचारियों को उनके खराब प्रदर्शन के चलते बाहर निकालने का फैसला लिया है। निकाले जाने वाले लोगों की यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का एक फीसदी है। पिछले साल कंपनी ने 500 लोगों को बाहर निकाला था।
टीसीएस के प्रवक्ता के मुताबिक, कर्मचारियों की यह निकासी उनके खराब प्रदर्शन के चलते है, न कि यह मंदी का असर है। उल्लेखनीय है कि 42 देशों में फैले कंपनी के लिए करीब 1.3 लाख कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि इसका कारोबार सबसे ज्याद भारत में फैला है। कंपनी के कुल कर्मचारियों का एक-तिहाई भारत में ही कार्यरत है।
हालांकि भारत से कितने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, इसके बारे में कंपनी ने कुछ नहीं बताया। लेकिन माना जा रहा है कि अकेले चेन्नई से करीब 250 लोगों को निकाला जाएगा।
इस बीच टीसीएस ने अपने कर्मचारियों को भेजे नोटिस में कहा है कि बसों के किराए में 200 फीसदी की वृद्धि की जा रही है। चेन्नई में अब यह किराया 800 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये प्रति माह हो गया है।