सॉफ्टवेयर निर्यात में अव्वल नंबर की भारतीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को भी मंदी ने नहीं छोड़ा।
कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुनाफा तो हासिल किया, लेकिन उसकी उम्मीद के मुकाबले यह आंकड़ा कम ही रहा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,333 करोड़ रुपये रहा।
वित्त वर्ष 2007-08 की चौथी तिमाही के मुकाबले यह आंकड़ा महज 7 फीसदी ज्यादा है। लेकिन यदि पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की अपेक्षा मुनाफे में 2.1 फीसदी की कमी आई।
कंपनी को कुल राजस्व भी 7,172 करोड़ रुपये का हासिल हुआ, जो उससे पहले के वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के मुकाबले 18.5 फीसदी ज्यादा है। लेकिन वित्त वर्ष 2008-09 की तीसरी तिमाही की तुलना में यह आंकड़ा 1.5 फीसदी कम है।
कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी एन चंद्रशेखरन ने नतीजों का ऐलान करते समय यह स्वीकार किया कि चालू वित्त वर्ष उनके लिए खासा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सौदों और उनकी कीमतों के लिहाज से यह साल कंपनी का कड़ा इम्तहान लेगा। उन्होंने यह भी माना कि सौदे पूरे करने की कंपनी की रफ्तार कुछ धीमी रहेगी और सौदों की तादाद भी कम हो सकती है।
चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी ने 28 बड़े सौदे किए और 163 नए ग्राहक भी जोड़े। उत्तर अमेरिका से कमाई में भी 26 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई।लेकिन जानकार मानते हैं कि आने वाला समय कंपनी के लिए बहुत शानदार नहीं रहेगा। उसे टेक महिंद्रा से भी टक्कर मिल सकती है, जिसने सत्यम कंप्यूटर को खरीदा है।