टारो नहीं कर रही सन से बात

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 9:43 AM IST

टारो फार्मास्युटिकल ने न्यायालय के आदेश के बाद भी सन फार्मा के साथ बातचीत करने की संभावना से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने यह सुझाव सन फार्मा और इजरायल की फार्मा कंपनी टारो में चल रहे मतभेद को न्यायालय से बाहर सुलझाने के लिए दिया है।


सन फार्मा का आरोप है कि मई 2007 में कंपनी ने टारो को 45.4 करोड़ डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव दिया था। उस समय टारो ने इसके लिए करार भी किया था।

लेकिन बाद में कंपनी ने इससे साफ इनकार कर दिया। दोनों कंपनियों का यह विवाद अमेरिका और इजरायल के  न्यायालयों में विचाराधीन है।


विलय करार की शर्तों के अनुसार सन फार्मा ने अमेरिका में सूचीबद्ध टारो को दिवालिया होने से बचाने के लिए 6 करोड़ डॉलर नकद देने को राजी हुई थी।

इस करार में सन फार्मा ने करार रद्द होने की स्थिति में 7.75 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से टारो के प्रवर्तकों की हिस्सेदारी खरीदने का भी विकल्प रखा था।

सन पहले ही प्रवर्तकों की हिस्सेदारी खरीदने की पहल कर चुकी है। लेकिन इजरायली अदालत ने सन फार्मा को विवाद पर कोई फैसला होने तक इस प्रक्रिया को रोकने के लिए कहा है।

इसके साथ ही अदालत ने दोनों कंपनियों को अदालत के बाहर मामला सुलझाने की कोशिश करने की भी सलाह दी है।

सूत्रों के अनुसार अभी तक टारो के प्रबंधन ने सन के अधिकारियों से इस बारे में बातचीत करने के लिए कोई पहल नहीं की है।

सन फार्मा के एक अधिकारी ने बताया, ‘हम हमेशा से ही इस मामले पर टारो के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन लगता है टारो को बातचीत के जरिए मामला सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।’ हालांकि सन के प्रवक्ता ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

सूत्रों के अनुसार सन को टारो के अधिग्रहण के लिए और अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। सन पहले ही कंपनी के शेयरधारकों की 34.4 फीसदी हिस्सेदारी खरीद चुकी है। लेकिन कंपनी के संस्थापक इस अधिग्रहण को टालने की कोशिश कर रहे हैं।

टारो के चेयरमैन बेरी लेविट और बाकी संस्थापकों के पास 12.5 फीसदी शेयर हैं। अगर सन यह हिस्सेदारी खरीदने में कामयाब हो जाती है, तो सन की हिस्सेदारी बढ़कर 48 फीसदी हो जाएगी।

इसके अलावा सन के पास 37 लाख वॉरंट इश्यू को शेयरों में बदलने का भी अधिकार है। जिससे टारो में सन की हिस्सेदारी बढ़कर 52 फीसदी हो जाएगी।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि टारो और सन के बीच  विवाद लंबे समय तक चलेगा।  सन के टारो में निवेश करने के बाद टारो की आर्थिक हालत काफी सुधरी है। इसीलिए कंपनी अधिग्रहण की प्रक्रिया टालना चाहती है।

सूत्रों ने बताया कि सन टारो के साथ अगले हफ्ते समाप्त हो रहे टेंडर ऑफर की अवधि बढ़ाना चाहती है। हालांकि सन और टारो के मामले की सुनवाई अभी अमेरिकी उच्च न्यायालय में शुरू होनी बाकी है।

विलय पर लग रहा है ग्रहण

सन फार्मा की 45.4 करोड़ डॉलर में खरीद के प्रस्ताव से टारो ने किया इनकार

दोनों कंपनियों का यह विवाद अमेरिका और इजरायल की अदालतों में

इजरायली अदालत ने फैसले से पहले सन को हिस्सेदारी खरीदने से रोका

First Published : December 16, 2008 | 11:08 PM IST