इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्रसारण मामले को लेकर बंबई उच्च न्यायालय में गुहार लगाने वाली सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन को अदालत ने अंतरिम राहत से इनकार कर दिया है।
अदालत के फैसले के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आईपीएल के प्रसारण अधिकार वर्ल्ड स्पोर्ट्स गु्रप (डब्ल्यूएसजी) के साथ हुए नए अनुबंध के तहत उसे बेच सकता है।
गौरतलब है कि सोनी ने बोर्ड से देश में पांच साल के लिए आईपीएल के प्रसारण अधिकार हासिल किए थे। इसके एवज में उसे हर साल बोर्ड को 220 करोड़ रुपये देने थे। लेकिन बोर्ड ने सोनी पर अनुबंध की कई शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया।
सूत्रों के मुताबिक डब्ल्यूएसजी प्रसारण अधिकार के लिए सोनी से डेढ़ गुना यानी 350 करोड़ रुपये देने को तैयार है। डब्ल्यूएसजी प्रसारण अधिकार किसी और को बेच भी सकती है। विदेश में आईपीएल कराने से होने वाले घाटे को बोर्ड डब्ल्यूएसजी की मदद से कम कर सकता है।