कुछ बताएगी, कुछ छिपाएगी सत्यम

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 7:33 PM IST

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के संभावित खरीदार को कुछ बताया जाएगा, लेकिन बहुत कुछ उससे छिपाया भी जाएगा।
कंपनी का बोर्ड पिछली दो तिमाहियों के परिचालन का हिसाब किताब बताने को तैयार है, लेकिन कंपनी की देनदारियों के बारे में बोली लगाने वाले को कुछ नहीं बताया जाएगा।
बोर्ड संभावित खरीदार को राजस्व आंकड़े, ग्राहकों की संख्या में हुआ इजाफा, परिचालन मार्जिन जैसी जानकारियां तो मुहैया कराएगा लेकिन, कंपनी की देनदारियों के बारे में बोर्ड संभावित खरीदार को जानकारियां नहीं देगा।
बोर्ड उस कंपनी को सत्यम के बड़े अनुबंधों और उनकी अवधि के बारे में भी जानकारी देगा। किस कंपनी के साथ सत्यम के अनुबंध का नवीनीकरण कब होना है, उसका नाम बताए बिना भी बोर्ड संभावित खरीदार को इस बारे में जानकारी देगा।
इस मामले से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि यह सभी जानकारी देना बेहद जरूरी है। सरकार द्वारा गठित बोर्ड ने सत्यम की कीमत 1,800 करोड़ रुपये लगाई है। जहां तक देनदारियों की बात है तो यूएस फेडरल कोर्ट में ही सत्यम के खिलाफ कम से कम 13 मामले दर्ज हैं।
सत्यम पर देनदारियों के मसले पर इसको खरीदने के इच्छुक स्पाइस समूह के मुखिया बी के मोदी कहते हैं, ‘कंपनी पर लगभग 3,500 से 4,500 करोड़ रुपये तक की देनदारी हो सकती है।’

First Published : March 12, 2009 | 11:12 AM IST