देश के अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घोटाले को झेलने वाली कंपनी सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की सेहत पर इससे बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है।
कंपनी मामलों कें मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सत्यम अभी भी देश की पांच बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल है। घोटाला सामने आने के बाद भी ‘सत्यमाइट’ की सत्यम में पूरी तरह से आस्था बनी हुई है। 53,000 कर्मचारियों में से 3,000 के आसपास कर्मियों ने ही सत्यम को गुडबाय कहा है और ऐसा ही कुछ ग्राहकों के मामले में भी हुआ है।
हालांकि अधिकारी ने बहुत ज्यादा ब्योरा तो नहीं दिया लेकिन जितना बताया उतना अंदाजा लगाने के लिए काफी है कि सत्यम के जहाज को कितना नुकसान हुआ या नहीं? अधिकारी ने इतना ही बताया कि सत्यम के राजस्व में इजाफा ही हुआ है लेकिन उन्होंने कोई आंकड़ा नहीं दिया।
अगर उपलब्ध आंकड़ों की बात करें तो सत्यम घोटाला सामने आने से पहले एचसीएल टेक्नोलॉजिज देश की पांचवीं सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी थी। जुलाई से दिसंबर 2008 के बीच में एचसीएल ने 4,860 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया। अगर एचसीएल से 10 से 15 फीसदी भी कम राजस्व मान लें तो सत्यम का कारोबार 4,100 से 4,400 करोड़ रुपये के आसपास बैठता है।
वहीं सत्यम को हासिल करने की होड़ में शामिल टेक महिन्द्रा का नाम इस सूची में छठे पायदान पर आता है। कंपनी मामलों के मंत्रालय का कहना है कि जनवरी और फरवरी में सत्यम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा।
अब भी शीर्ष 5 आईटी कंपनियों में शामिल
जनवरी और फरवरी में किया अच्छा प्रदर्शन
कर्मियों और ग्राहकों का भी बना हुआ है भरोसा