गले नहीं उतर रहा सत्यम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 9:58 PM IST

सत्यम की बिक्री का मामला अब भी सुलझता नहीं दिख रहा है। बिक्री की प्रक्रिया में स्पाइस समूह ने नया पेच डाल दिया।
समूह ने आज साफ लफ्जों में कह दिया कि कुछ शर्तें पूरी नहीं होने की वजह से वह इस दौड़ से बाहर हो रहा है। टेक महिंद्रा भी इसी तरह के संकेत दे रही है।
स्पाइस समूह की कंपनी स्पाइस कॉर्पोरेशन ने सत्यम में सरकार की ओर से चुने गए निदेशक मंडल को एक चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में कंपनी ने निदेशक मंडल से सत्यम की खुली नीलामी कराने की सिफारिश की, ताकि पारदर्शिता बढ़ सके।
इसके अलावा उसने इस सॉफ्टवेयर कंपनी की खरीद के लिए आए दूसरे दावेदारों के नामों का खुलासा करने की बात भी कही है। स्पाइस कॉर्पोरेशन के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इस दौड़ से खुद को बाहर कर रहे हैं। हम अपने इस फैसले पर दोबारा तभी सोचेंगे, जब हमारी चिंताएं खत्म कर दी जाएंगी।’
इस बीच सत्यम के निदेशक मंडल ने आज हैदराबाद में बैठक की। सूत्रों के मुताबिक बैठक काफी अहम थी और उसमें बोली लगाने वाली कुछ कंपनियों की ओर से उठाए गए पादर्शिता के मुद्दे पर चर्चा की गई। कंपनी की ‘डयू डिलिजेंस’ की प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह काम अप्रैल के पहले हफ्ते तक चलेगा।
इसके बाद बोली लगाने वालों के बीच से छांटी गई कंपनियों की टीम सत्यम के मुख्यालय में आकर दस्तावेजों की जांच करेंगी और दूसरी जानकारी भी हासिल करेंगी। होमी खुसरोखान सत्यम की ओर से इन कंपनियों के सामने प्रस्तुति कर रहे हैं और यह काम 29 मार्च तक चलने की खबर है।
बोली लगाने वाली ज्यादातर कंपनियों को वित्तीय और देनदारियों के मुद्दे पर कुछ ऐतराज हैं। लार्सन ऐंड टुब्रो सत्यम में 12 फीसदी हिस्सेदारी ले चुकी है और आज तक कंपनी में वह 670 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है।
एलऐंडटी को सत्यम और अपनी कंपनी एलऐंडटी इन्फोटेक में काफी तालमेल दिखता है। लेकिन उसके चेयरमैन ए एम नाइक भी हाल ही में कबूल कर चुके हैं कि कई चीजें हाल ही में बदल गई हैं और कुछ प्रमुख ग्राहक और कर्मचारी सत्यम का साथ छोड़ चुके हैं।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह की आईटी कंपनी टेक महिंद्रा की एक टीम के भी आज हैदराबाद पहुंचने की खबर है। इस कंपनी के लिए सत्यम का अधिग्रहण नए कारोबार के लिहाज से अच्छा कदम माना जा रहा था क्योंकि फिलहाल वह केवल दूरसंचार क्षेत्र में ही है।
लेकिन देनदारी के मसले पर इस कंपनी का रुख भी ठंडा पड़ता बताया जा रहा है। सत्यम के कुछ प्रमुख ग्राहकों के दूर जाने की खबर से भी यह कंपनी चिंतित है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के लिए अधिग्रहण के वास्ते विदेश से रकम जुटाना भी चिंता का सबब होगा। खास तौर पर फित्च ने जब से उसकी रेटिंग कम की है, उसके माथे पर बल बढ़ गए हैं।
साथ छोड़ रहे उम्मीदों के खेवनहार
खींच लिया पांव
स्पाइस समूह
पारदर्शिता की मांग करते हुए स्पाइस समूह ने खींच लिए बोली से हाथ। उसे चाहिए सत्यम की खरीद के दूसरे दावेदारों और अन्य मुद्दों की जानकारी
कशमकश में
टेक महिंद्रा
सत्यम के अधिग्रहण से हो सकता है काफी फायदा। लेकिन प्रमुख ग्राहकों के पल्ला झाड़ने की खबर से परेशान। रकम उगाहना भी टेढ़ी खीर
गई है फंस
एलऐंडटी
खरीदे सत्यम के 12 फीसदी शेयर। 670 करोड़ रुपये के निवेश के बाद नहीं हट सकती पीछे। पारदर्शिता के मसले पर उसे भी हो रही है चिंता

First Published : March 28, 2009 | 6:06 PM IST