स्टर्लिंग बायोटेक का प्रवर्तक समूह संदेसरा समूह देश में सबसे पहली विमानन देखरेख और मरम्मत (एमआरओ) परियोजना लगाने के लिए तैयारी कर चुका है।
समूह वडोदरा में इस परियोजना पर 7,000 करोड़ रुपये की रकम लगाएगा। समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, ‘हम अमेरिका की एक कंपनी के साथ इस परियोजना के लिए साझेदारी को लेकर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी इस समय हम उसका नाम नहीं बताना चाहते।
आज भारतीय कंपनियों को अपने विमानों की देखरेख के लिए आमतौर पर विदेशों का मुंह ताकना पड़ता है और इसलिए यहां एमआरओ लगाने की जरूरत काफी ज्यादा है।’
उनका कहना है कि इस परियोजना के लिए शुरुआती निवेश लगभग 2,500 करोड़ रुपये का होगा और इसे पांच साल की अवधि में आगे बढ़ाया जाएगा।
यह इकाई जंबुसर में लगभग 4,000 एकड़ में बनाई जाएगी। इसी दौरान समूह जंबूसर में अपने स्टर्लिंग सेज के विस्तार के लिए लगभग 14,000 करोड़ रुपये लगाने की योजना बना रहा है।
राज्य सरकार ने बहु-उत्पाद सेज के विस्तार के लिए अतिरिक्त 6,000 एकड़ जमीन को अपनी मंजूरी दे चुकी है और स्टर्लिंग समूह के साथ अब कुल क्षेत्र लगभग 9,000 एकड़ है।
इसके अलावा कंपनी को दाहेज बंदरगाह का विकास करने के लिए राज्य सरकार से आशय पत्र मिल चुका है। इससे पहले कंपनी को विर्जीनिया बंदरगाह के विकास का काम मिला है। बंदरगाह की इस परियोजना की लागत लगभग 3,000 करोड़ रुपये है।