इस मंदी के दौर में जहां दूसरी रिटेल कंपनियां शोरूम के किराए को लेकर मोलभाव में जुटी हैं,
वहीं सुपरमार्केट की श्रृंखला चलाने वाली विशाल रिटेल ने देश भर में मौजूद अपने शोरूम का किराया कम करवाने के लिए स्टोर मालिकों के साथ समझौता कर लिया है।
विशाल को देश भर में करीब 50 स्टोर के लिए अब कम किराया देना पड़ेगा और इससे कंपनी के दिल्ली के रिटेलरों को 35 फीसदी कम किराया देना पड़ेगा।
विशाल रिटेल के अध्यक्ष अम्बीक खेमका ने बताया, ‘हमनें स्टोर मालिकों से साफ कहा कि अगर वे किराया नहीं घटाते हैं तो हमें अपने स्टोर्स दूसरी जगहों पर ले जाने पडेंग़े। इस तरह हम किराया 20 से 35 फीसदी के बीच कम करवा सके हैं।’
अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल और छंटनी के कारण कई रिटेल कंपनियों को अपनी विस्तार योजनाओं को टालना पड़ा है और इससे मॉल डेवलपर्स और रियल एस्टेट कंपनियों के पास सरप्लस स्टॉक हो गया था।
खेमका ने कहा, ‘एक साल पहले हालात जितने अच्छे थे, आज उनसे ठीक उलट हैं। आज रिटेल स्पेस की उपलब्धता अधिक है और मांग कम, ऐसे में हमारे लिए समझौता करना आसान था।’ विशाल रिटेल के देश भर में 178 स्टोर हैं।
टेक्नोपैक के सह उपाध्यक्ष पूणर्दु कुमार ने बताया, ‘मौजूदा बाजार हालात रिटेलरों के पक्ष में हैं और ऐसे समय में वे आसानी से स्टोर मालिकों के साथ मोल भाव कर सकती है।’ किराया कम होने से रिटेलर्स को अपना मुनाफा ठीक करने में सहूलियत होगी।
कुमार ने बताया कि किराया अगर 20 से 50 फीसदी घटता है तो कंपनियों का मुनाफा 4 फीसदी तक बढ़ सकता है। विशाल रिटेल अपने किराए का खर्च कम करने के लिए कई सारे कदम उठा रही है। कंपनी ने फैसला किया है कि वह अपने सभी नए स्टोर्स फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत खोलेगी।
साथ ही कंपनी छोटे आकार के स्टोर्स पर भी नजर रखे हुए है। कंपनी अपने 25 स्टोर्स का आकार छोटा कर सकती है। कंपनी की योजना अगले तीन महीनों में अपने स्टोर्स की संख्या 178 से बढ़ाकर 200 करने की है।