भारत की कामयाबी की नई इबारत लिखने के लिए मशहूर आईटी और बीपीओ कंपनियों की गाड़ी 2008 में ढलान पर आती दिखाई पड़ी और अंदेशा जताया जा रहा है कि अगले साल ढलान पर यह तेजी से उतरेगी।
इन्फोसिस टेक्नोलॉजिज जैसी दिग्गज आईटी कंपनी हो या नैसकॉम या क्वात्रो जैसी नामी बीपीओ कंपनी हो, सभी यह मान रही हैं कि इस कारोबार को मंदी के तूफान से रूबरू होना पड़ेगा।
इन्फोसिस के मुख्य कार्य अधिकारी कृष गोपालकृष्णन भी मानते हैं कि 2009 में उनके लिए क्या है, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है। उनका कहना है, ‘कल साफ नहीं दिख रहा। मंदी का असर तो जरूर होगा, यह बात अलग है कि हर कंपनी पर इसकी मार अलग-अलग तरीके से होगी।’
आईटी कंपनी टेक सॉल्यूशंस के उपाध्यक्ष (एचआर) श्रीनिवासन को भी लगता है कि चालू साल की दूसरी छमाही में जिस मंदी से उनका साबका पड़ा, वह अगले साल की पहली छमाही में बरकरार रहेगी। हां, उसके बाद हालात बदल सकते हैं। इसी तरह सौदों में तेजी भी अगले साल के अंत में ही आने की उम्मीद है।
अमेरिकी मंदी को लेकर भी खासी चिंता जताई जा रही है। भारत में बीपीओ उद्योग के जनक और क्वात्रो बीपीओ के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रमन रॉय के मुताबिक अमेरिकी मंदी ही यहां आईटी-बीपीओ का भविष्य तय करेगी क्योंकि आईटी और बीपीओ कंपनियों के लिए काफी बड़ा बाजार अमेरिका में ही है।
लेकिन रॉय को भी 2009 के अंत तक हालात सुधरने की उम्मीद है। आईटी कंपनी फोरसॉफ्ट के मुख्य कार्य अधिकारी राजशेखर रॉय को भी बाजार में सुधार अगले साल के अंत में ही दिख रहा है।
अलबत्ता भारतीय बीपीओ संघ के पूर्व अध्यक्ष समीर चोपड़ा की मानें, तो मंदी का दौर एक साल से ज्यादा अरसे तक चलेगा और छंटनी के दौर भी देखने को मिलेंगे। राजशेखर रॉय भी कहते हैं कि नियुक्तियां एक साल बाद ही शुरू होंगी।
श्रीनिवासन के मुताबिक वेतन में बढ़ोतरी या तो बिल्कुल नहीं होगी या बेहद कम होगी क्योंकि लागत पर लगाम कसना हरेक कंपनी का मकसद होगा।
डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक दिलीप शर्मा के मुताबिक अगले साल जनवरी में तिमाही नतीजों पर मंदी का असर दिखेगा। लेकिन उन्हें लगता है कि कारोबार में विकास रफ्तार के साथ होगा।
आपकी कुव्वत जैसी होगी, मंदी का असर भी आप पर वैसा ही होगा
के गोपालकृष्णन
सीईओ, इन्फोसिस टेक्नोलॉजिज
मंदी तो है, लेकिन 20 फीसदी तक इजाफा करेगा यह कारोबार
जी नटराजन
चेयरमैन, नैसकॉम