देसी रिफाइनरी पर कम पड़ा मंदी का असर

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 12:47 AM IST

दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में भारतीय रिफाइनरियों का प्रदर्शन और रिफाइनिंग मार्जिन विदेशी प्रतिस्पर्द्धियों की तुलना में बढ़िया रहा है। मालूम हो कि रिफाइनिंग मार्जिन कच्चे तेल और रिफाइंड तेल की कीमतों के बीच का अंतर होता है।
खांडवाला सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट विनय नायर के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों का मार्जिन विदेशी रिफाइनरियों की तुलना में कम गिरा है। नायर के शब्दों में इसकी वजह, ”यहां के रिफाइनरी डीजल का ज्यादा उत्पादन करते हैं, जबकि विदेशी नैफ्था और गैसोलीन के उत्पादन पर फोकस करते हैं। आर्थिक मंदी के चलते डीजल की तुलना में नैफ्था और गैसोलीन की मांग ज्यादा गिरी है।”
 
गौरतलब है कि पेट्रोलियम उत्पादों के कुल उत्पादन में डीजल की हिस्सेदारी 40-45 फीसदी है। 2008 के कैलेंडर वर्ष में भारतीय रिफाइनरी का मार्जिन 38 फीसदी घटकर 6.5 डॉलर प्रति बैरल रह गया जो पहले 10.6 डॉलर प्रति बैरल था।
ब्रिटिश पेट्रोलियम के ग्लोबल इंडिकेटर मार्जिन के अनुसार, अमेरिका के खाड़ी तटीय और मध्य पश्चिम के रिफाइनरियों का मार्जिन 2.49 डॉलर और 2.53 डॉलर प्रति बैरल रह गया। जबकि दिसंबर में खत्म तिमाही में यह मार्जिन 5.20 डॉलर था।
सिंगापुर में यह मार्जिन 5.16 डॉलर प्रति बैरल का है। एशियाई रिफाइनरियों के लिए बतौर बेंचमार्क प्रयोग होने वाले सिंगापुर रिफाइनरियों का मार्जिन 2008 में 20 फीसदी घटकर 6.1 डॉलर प्रति बैरल रह गया है। 

मालूम हो कि मांग घटने से कच्चे तेल की कीमत जुलाई में 147 डॉलर की ऊंचाई छुने के बाद अब 40 डॉलर प्रति बैरल तक आ चुकी है।
नाम न छापने की शर्त पर मुंबई के एक विश्लेषक ने बताया, ‘एशिया के अन्य देशों की रिफाइनरियां नैफ्था का अधिक उत्पादन करती हैं, उनका रिफाइनिंग मार्जिन डीजल उत्पादन करने वाली भारतीय रिफाइनरियों की तुलना में कम रहा है।’
भारत में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कुल रिफाइनिंग मार्जिन अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में 10 डॉलर प्रति बैरल रहा। वहीं सिंगापुर की रिफाइनरियों का मार्जिन इस दौरान 3.6 डॉलर रहा जो पिछले साल 5.8 डॉलर रहा था।
अप्रैल से दिसंबर के बीच के नौ महीनों में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड का सकल रिफाइनिंग मार्जिन 4.25 डॉलर (मुंबई रिफाइनरी) और 6.91 डॉलर (कोच्चि) रहा। 2007 की समान अवधि में ये मार्जिन क्रमश: 4.41 और 6.58 डॉलर प्रति बैरल रहे थे।
देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनिंग और मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड का औसत मार्जिन 3.37 डॉलर प्रति बैरल रहा जो उसके पिछले साल 9.10 डॉलर प्रति बैरल रहा था। जानकारों का  कहना है कि रिफाइनिंग मार्जिन अभी सीमित रहेगा।

First Published : February 11, 2009 | 11:14 PM IST