‘रीब्रांडिंग से रणनीति में बदलाव नहीं होगा’

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 3:01 AM IST

बीएस बातचीत
मझोले आकार की आईटी सेवा कंपनी एनआईआईटी टेक्नोलॉजिज का नाम बदलकर अब कोफोर्ज हो गया है। पिछले साल कंपनी के स्वामित्व में बदलाव हुआ था और उस पर  बैरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया लिमिटेड का स्वामित्व हो गया था। कंपनी के सीईओ सुधीर सिंह ने साई ईश्वर से बातचीत में कहा कि रीब्रांडिंग संबंधी गतिविधियों के कारण नेतृत्व अथवा रणनीति में कोई खास बदलाव नहीं होगा। उन्होंने बैरिंग के पोर्टफोलियो की एक अन्य कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजिज के साथ विलय से भी इनकार किया। पेश हैं मुख्य अंश:

ग्राहक अथवा निवेशक को रीब्रांडिंग गतिविधियों को किस प्रकार देखना चाहिए?
पिछले तीन वर्षों के दौरान हमारे प्रदर्शन के लिहाज से यह बदलाव प्रतीकात्मक है। हमारी जड़ें चार दशक पुरानी है जब 1981 में एनआईआईटी की स्थापना की गई थी। बाद में हमने बिजनेस कंसल्टिंग क्षेत्र में भी विस्तार किया। पिछले दो दशक के दौरान हम एक वैश्विक सिस्टम इंटीग्रेटर के तौर पर उभरे हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान वृद्धि को काफी रफ्तार दी है और खुद को विश्व में सबसे तेजी से उभरने वाली आईटी सेवा कंपनियों की जमात में स्थापित किया है। इस बदलाव से शेयरधारक अनुबंध की भी झलक मिलती है जिस पर मई 2019 में बैरिंग पीई एशिया, एनआईआईटी और एनआईआईटी टेक्नोलॉजिज के संस्थापकों ने हस्ताक्षर किए थे।

क्या रीब्रांडिंग के दायरे में सहायक इकाइयों को भी शामिल किया गया है?
हां, सहायक इकाई इनसेसेंट टेक्नोलॉजिज का नाम बदलकर अब कोफोर्ज डिजिटल प्रॉसेस ऑटोमेशन (डीपीए) होगा।

क्या वरिष्ठ स्तर के साथ-साथ कंपनी की रणनीति में भी कोई बदलाव किया गया है?
हमारे लिहाज से रणनीति में कोई खास बदलाव नहीं होगा लेकिन हम उन तीन चीजों के जरिये खुद को अलग रखने की कोशिश जारी रखेंगे जिनसे हमें काफी तेजी से विकास करने में मदद मिली है। कंपनी के मिशन अथवा उसके दृष्टिकोण में बुनियादी तौर पर कोई खास बदलाव नहीं होगा। पहला, संगठनात्मक दक्षता के लिए हमारा दृष्टिकोण और हम डोमेन एवं प्रौद्योगिकी संबंधी अपने व्यापक अनुभव के साथ बदलाव के लिए ग्राहकों के साथ काम करना जारी रखेंगे। दूसरा, हम डिजिटल-फस्र्ट कंपनी के तौर खुद को अलग रखने की कोशिश जारी रखेंगे। हमारी डिजिटल और बौद्धिक संपदा से प्राप्त राजस्व अब कुल वैश्विक राजस्व का करीब 45 फीसदी तक हो चुका है और हम जल्द से जल्द इसे बढ़ाकर 50 फीसदी करना चाहते हैं।

अधिकतर विश्लेषकों का मानना है कि एनआईआईटी टेक्नोलॉजिज और हेक्सावेयर टेक्नोलॉजिज का विलय हो सकता है क्योंकि दोनों अब बैरिंग पीई की पोर्टफोलियो कंपनी बन चुकी हैं। इस पर आप क्या कहेंगे?
हमने इसे 18 महीने पहले ही स्पष्ट कर दिया था। ऐसी फिलहाल कोई योजना नहीं है।

आपने दूसरी तिमाही के लिए राजस्व अनुमान जाहिर किया है। क्या आप उसे हासिल करने के लिए सही राह पर आगे बढ़ रहे हैं?
हमारा मानना है कि क्रमिक आधार पर राजस्व और मार्जिन दोनों मोर्चे पर हम उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करेंगे। जैसा कि हमने पहले ही संकेत दिया है कि हम स्थिर मुद्रा पर पिछली तिमाही के मुकाबले कम से कम 7 फीसदी राजस्व वृद्धि की उम्मीद करते हैं। साथ ही हम परिचालन मार्जिन में पिछली तिमाही के मुकाबले कम से कम 150 आधार अंकों की वृद्धि की भी उम्मीद कर रहे हैं।

साल के दौरान नियुक्ति संबंधी आपकी क्या योजना है?
हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही से नियुक्तियां शुरू हो जाएंगी क्योंकि हमें वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। उस समय हम नियुक्तियां करेंगे।

First Published : August 24, 2020 | 11:33 PM IST