एवरेडी, मैकलॉयड में प्रवर्तक हिस्सा घटा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 3:34 AM IST

विलयमसन मैगोर समूह की कंपनियों- एवरेडी इंडस्ट्रीज इंडिया और मैकलॉयड रसेल इंडिया- में प्रवर्तकों की शेयर हिस्सेदारी घट गई है। इंडसइंड बैंक द्वारा गिरवी शेयरों को भुनाए जाने से प्रवर्तक हिस्सेदारी को झटका लगा।
बैंक ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि उसने गिरवी शर्तों के अनुसार, 7 अगस्त को एवरेडी इंडस्ट्रीज इंडिया के 56,83,320 शेयर और मैकलॉयड रसेल इंडिया के 78,32,253 शेयर हासिल किए। इस प्रकार एवरेडी में उसकी 7.82 फीसदी और मैकलॉयड में 7.50 फीसदी हिस्सेदारी हो गई।
इंडसइंड बैंक द्वारा गिरवी शेयरों को भुनाए जाने के बाद एवरेडी और मैकलॉयड दोनों में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय गिरावट आई है। एवरेडी में प्रवर्तक हिस्सेदारी कारीब 7.25 फीसदी रह गई जबकि  मैकलॉयड में प्रवर्तक हिस्सेदारी करीब 18.32 फीसदी रह गई।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, मैकलॉयड में प्रवर्तक हिस्सेदारी जून के अंत में 25.82 फीसदी थी। जबकि एवरेडी में पिछले महीने प्रवर्तकों की हिस्सेदारी घटकर 15.07 फीसदी रह गई जबकि डाबर इंडिया के प्रवर्तक बर्मन परिवार कंपनी में 19.84 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़े शेयरधारक के तौर पर उभरा है।
बर्मन परिवार एवरेडी में मार्च 2019 से ही खरीदारी कर रहा है। पिछली बार उसने खुले बाजार से 8.48 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी और उसके बाद से ही इस शेयर में तेजी दिख रही थी। 13 जुलाई के बाद इस शेयर में 80 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह इंडिया रेटिंग्स ने एवरेडी की दीर्घावधि क्रेडिट रेटिंग को आईएनडी बीबी से बढ़ाकर आईएनडी बीबी प्लस कर दिया था। साथ ही उसने इस शेयर के परिदृश्य को बदलकर सकारात्मक कर दिया था। रेटिंग एजेंसी ने कहा था कि रेटिंग में सुधार वित्त वर्ष 2020 की दूसरी छमाही में एवरेडी की नकदी प्रवाह की स्थिति में सुधार और वित्त वर्ष 2020 में निरंतर लाभप्रदता को दर्शाता है।
सकारात्मक परिदृश्य ईआईआईएल (एवरेडी इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड) के कारोबारी प्रोफाइल और वित्त वर्ष 2021 में उसकी नकदी प्रवाह की स्थिति में सुधार के लिए इंडिया रेटिंग्स की अपेक्षाओं को दर्शाता है। बैटरी एवं टॉर्च श्रेणी में कंपनी के कारोबार में सुधार होने, आकस्मिक देनदारी संबंधी मुद्दों के संभावित समाधान और ईआईआईएल के बोर्ड में उसके सबसे बड़े शेयरधारक बर्मन परिवार का संभावित प्रतिनिधित्व से कंपनी की स्थिति बेहतर हो सकती है। सूत्रों ने कहा, ‘यह आश्चर्य की बात है कि गिरवी शेयरों को ऐसे समय में भुनाया जा रहा है जब उसका मूल्य बढऩे जा रहा है।’
हालांकि गिरवी शेयरों को भुनाए जाने से ऋण समाधान की संभानाएं बेहतर हो गई हैं। एवरेडी और मैकलॉयड दोनों ऋण बोझ से निपटने के लिए प्रवर्तक स्तर पर निवेशकों के साथ करार कर रही हैं और संयुक्त रूप से दोनों कंपानी का प्रबंधन कर रहे हैं। समूह के स्तर पर अधिकांश ऋण विलियमसन मैगोर पोर्टफोलियो के तहत ईपीसी कंपनी, मैकनैली भारत इंजीनियरिंग को दी गई रकम के कारण है। मैकनैली फिलहाल करीब 3,000 करोड़ रुपये के ऋण बोझ तले दबी है और उसके ऋण पुनर्गठन प्रस्ताव पर लेनदारों की मंजूरी का इंतजार है।

First Published : August 10, 2020 | 12:28 AM IST