सेबी की याचिका पर फैसला सुरक्षित

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 1:26 AM IST

छठे अतिरिक्त प्रमुख मेट्रोपोलिटन न्यायालय ने सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के पूर्व प्रमुख वित्तीय अधिकारी श्रीनिवास वाडलामणि और प्राइस वाटरहाउस (पीडब्ल्यू) के दो ऑडिटरों से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा पूछताछ करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है।
पीडब्ल्यू के ऑडिटरों के वकील मस्तान नायडू चेरुकुरी ने कहा कि उसे अपने क्लाइंट एस. गोपालकृष्णन और तल्लूरी श्रीनिवास से सेबी द्वारा पूछताछ करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
 
तीन दिन पहले सेबी सत्यम के संस्थापक रामलिंग राजू और उनके भाई रामा राजू से 7800 करोड़ रुपये के सत्यम फर्जीवाड़े के सिलसिले में पूछताछ कर चुकी है।
इसके बाद सेबी ने इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ केलिए न्यायालय से अनुमति मांगी थी। हालांकि बचाव पक्ष के वकील ने जज से यह आग्रह किया है कि पूछताछ की अवधि अधिकतम 1 दिन रखी जाए।
सोमवार को आयकर विभाग द्वारा दायर की गई याचिका पर भी अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। इसके अलावा राजू भाइयों और पूर्व वित्तीय अधिकारी की जमानत संबंधी याचिका पर बुधवार को सुनवाई की जाएगी।
‘सत्यम के लिए संसदीय समिति नहीं’
सरकार ने सत्यम फर्जीवाड़े पर संयुक्त संसदीय समिति के गठन की संभावना को खारिज कर दिया। कंपनी मामलों के मंत्री प्रेम चंद गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो इस मामले के आपराधिक पहलुओं की जांच कर रहा है।
उन्होंने कहा कि  सभी संबंधित एजेंसियां फर्जीवाड़े की जांच कर रही हैं,  इसलिए संसदीय समिति गठित करने की आवश्यकता नहीं है।

First Published : February 17, 2009 | 11:51 PM IST