स्वीटजरलैंड की कंपनी नोवार्तिस एजी अपनी भारतीय सहयोगी कंपनी की 39 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने वाली है। इससे कंपनी के 90 फीसदी शेयरों पर उसका कब्जा हो जाएगा।
अनुमान यह है कि इसके बाद कंपनी को गैर सूचीबध्द किया जा सकता है। इस खबर के आने के बाद कंपनी के शेयरों में कम से कम 20 फीसदी का इजाफा हो गया। नोवार्तिस ने शेयर बाजार को बताया है कि वह इन शेयरों को खरीदने के लिए 440 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। उसने 351 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदने का प्रस्ताव दिया है।
यह कीमत कंपनी के शेयरों के पिछले एक महीने की औसत कीमत से 35 फीसदी ज्यादा है। देसी कानूनों के मुताबिक अगर किसी कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 90 फीसदी से ज्यादा हो जाती है, तो वह कंपनी गैर सूचीबध्द हो सकती है।
हालांकि, नोवार्तिस ने कहा है कि उसने इस बारे में अभी कुछ सोचा नहीं है। नोवार्तिस इंटरनैशनल एजी के प्रवक्ता एरिक एल्टॉफ ने ईमेल से भेजे बयान में बताया कि, ‘हमारा इरादा सिर्फ नोवार्तिस इंडिया में कंपनी की हिस्सेदारी को और मजबूत करना है। इसके लिए हम खुले बाजार से शेयरों को खरीदेंगे।
हमने नोवार्तिस इंडिया में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने का फैसला इसीलिए किया है, ताकि हम यहां अपने कारोबार को बिना किसी दिक्कत के चला सकें। हमने अभी कंपनी को गैर सूचीबध्द किए जाने के बारे में कुछ सोचा नहीं है।’
वैसे विश्लेषकों की मानें तो इस ऑफर को लेकर निवेशकों के बीच हलचल मचने की उम्मीद कम ही है क्योंकि ऑफर कीमत को कंपनी की असल कीमत के मुकाबले काफी कम रखा गया है। प्रभुदास लीलाधर के शोध प्रमुख रणजीत कपाडिया ने बताया कि, ‘नोवार्तिस इंडिया की कमाई 560 करोड़ रुपये की है।
साथ ही, इसके पास 475 करोड़ रुपये की नकदी और चल संपत्ति है। इस हिसाब से कंपनी की कीमत कम से कम 1000 करोड़ तो है ही। साथ ही, इसके पास कुछ काफी लोकप्रिय ब्रांड भी हैं।’
वैसे एल्टॉफ का कहना है कि, ‘ऑफर कीमत अच्छी-खासी है। यह पिछले ओपेन ऑफरों और दूसरी कंपनियों के मूल्यांकन के आधार पर काफी जबरदस्त है। इस वजह से हमें भरोसा है कि हमारा ऑफर काफी अच्छा है और इसमें अब फेरबदल करने की जरूरत नहीं है।’
हालांकि, बंबई स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयरों की कीमत में 20 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 330.70 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ।