एलआईसी पर नहीं संकट का असर!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 7:43 AM IST

ऐसे समय में जबकि दूसरी कंपनियों के लिए फंड उगाहना मुश्किल हो रहा है ।


देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपरिवर्तनीय ऋण पत्रों (एनसीडी), कमर्शियल पेपरों (सीपी) और जमा प्रमाण पत्र के जरिये निवेश को बढ़ाया है।

जहां पिछले साल सीपी और सीडी के जरिये कंपनी ने 200 करोड़ रुपये का निवेश किया था, वहीं 2008-09 में अब तक यह बढ़कर 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

कंपनी को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष के बाकी महीनों में वह 500 से 600 करोड़ रुपये का निवेश और करेगी। इसी तरह कंपनी ने इस साल 20,000 करोड़ रुपये के एनसीडी खरीदा है, जबकि इनमें से 12,000 करोड़ रुपये का निवेश तो उसने पिछले तीन महीनों में ही किया है जब वैश्विक ऋण संकट अपने पूरे शबाब पर था।

कंपनी के प्रबंध निदेशक थॉमस मैथ्यू ने बताया कि मार्च तक एनसीडी में और 15,000 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। पिछले साल एलआईसी ने एनसीडी के जरिये 30,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

वर्ष 2008-09 में एलआईसी अब तक करीब 100 कंपनियों में निवेश कर चुकी है जिनमें से 25 कंपनियों में तो उसने पिछले तीन महीनों में निवेश किया है। बीमा कंपनी ने अब तक 30 कंपनियों की ओर से जारी किए सीपी और सीडी में निवेश किया है।

मैथ्यू ने कहा, ‘इस साल एनएसडी में निवेश के बहुत से प्रस्ताव आ रहे हैं क्योंकि कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना मुश्किल हो गया है। पर हम पूरी तरह से इरडा (इंश्योरेंस रेगुलेटरी ऐंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) के निवेश से जुड़े निर्देशों का पालन कर रहे हैं।’

First Published : December 6, 2008 | 12:11 AM IST