‘नए निर्देश हर लिहाज से सही’

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 1:05 AM IST

विदेशी निवेश के नए दिशानिर्देशों का बचाव करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री कमलनाथ ने कहा है कि ये प्रस्ताव हर तरह के विदेशी निवेशों को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए हैं।
कमलनाथ के मुताबिक, ये नए दिशानिर्देश विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, विदेशी संस्थागत निवेश, प्रवासी भारतीयों के निवेश, अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट और ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट के साथ विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय डिबेंचरों की ओर से होने वाले निवेशों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।
उनके शब्दों में, ”विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की गणना करने वाले पुराने नियम कई विरोधाभास पैदा करते थे, इसलिए इसे हटाकर नए दिशानिर्देश लागू किए गए।”
नाथ ने यह भी बताया कि अप्रैल से दिसंबर की अवधि में देश में 21.2 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हुआ है। अकेले दिसंबर में 1.36 अरब डॉलर का निवेश आया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा वित्त वर्ष में 30 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आ जाएगा।
हालांकि सरकार का पूर्व लक्ष्य 35 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हासिल करने का रहा है। सरकार ने नए दिशनिदर्शों को गुरुवार को मंजूरी दे दी थी। इसमें किसी भारतीय कंपनी में विदेशी पूंजी की गणना करते वक्त प्रत्यक्ष और परोक्ष विदेशी निवेश के साथ ही स्वामित्व की अवधारणा के बारे में जानकारी दी गई है।
माना जा रहा है कि इस नए नियम से अब तक सीमित निवेश की अनुमति वाले क्षेत्रों मसलन मीडिया और रिटेल सेक्टर में सीधा निवेश हो सकेगा।

लेकिन इसके लिए विदेशी निवेश को भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियों के जरिए नियंत्रित होना चाहिए। कमलनाथ ने बताया, ”किसी कंपनी में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की गणना में पहले भी कोई दिक्कत नहीं थी।

First Published : February 14, 2009 | 12:06 AM IST