मायतास की फमै सत्यम के पास

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 9:43 AM IST

देश भी चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज मायतास समूह की दो कंपनियों पर कब्जा करने जा रही है।


कंपनी मायतास इन्फ्रा और मायतास प्रॉपर्टीज को खरीद रही है। इस अधिग्रहण में वह कुल मिलाकर 7,680 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम का निवेश करेगी।

अधिग्रहीत की जाने वाली दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल में सत्यम के चेयरमैन रामलिंग राजू के करीबी परिजन ही बैठे हैं।

उनके पुत्र रामा राजू जूनियर मायतास प्रॉपर्टी के मुख्य प्रमोटरों में शुमार किए जाते हैं। यह कंपनी शहरी बुनियादी ढांचे का विकास करती है और राजू जूनियर 2005 से ही इसके निदेशक मंडल में शामिल हैं।

रामलिंग राजू के भतीजे बी तेजा राजू मायतास इन्फ्रा के वाइस चेयरमैन हैं। यह कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है और बुनियादी ढांचे के विकास तथा निर्माण और परिसंपत्ति विकास का कारोबार करती है।

इस कंपनी में तकरीबन 3,000 कर्मचारी हैं। 30 सितंबर 2008 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान इस कंपनी ने 354 करोड़ रुपये का कारोबार किया था और उसे लगभग 17 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।

सत्यम के निदेशक मंडल ने अधिग्रहण के इस प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी। इसके मुताबिक सत्यम मायतास इन्फ्रा में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी।

इस सौदे पर लगभग 6,240 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मायतास प्रॉपर्टीज का सत्यम पूरा अधिग्रहण कर लेगी और इस पर 1,440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सत्यम के पास फिलहाल नकदी और अन्य संपत्तियों की शक्ल में तकरीबन 5,500 करोड़ रुपये मौजूद हैं। उसने मायतास इन्फ्रा के प्रमोटरों से 31 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश की, जिसके तहत प्रति शेयर 475 रुपये दिए जाने की बात है। इसके अलावा खुले बाजार से भी कंपनी शेयर खरीदेगी।

कंपनी 20 फीसदी हिस्सेदारी खुले बाजार से खरीदेगी। इसके लिए पेशकश जल्द ही की जाएगी। खुली पेशकश के लिए निदेशक मंडल ने 525 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से कीमत तय की है। इसे अधिग्रहण संहिता के नियमों के मुताबिक बदला भी जा सकता है।

सत्यम के चेयरमैन और संस्थापक रामलिंग राजू ने इस सौदे के बारे में कहा, ‘इससे हमारे मुख्य कारोबार के सामने आने वाले जोखिम कम हो जाएंगे। इसके अलावा हमें बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई कारोबारी इकाई शुरू करने में भी खासी मदद मिलेगी।

बाजार के इस क्षेत्र में ऐसे तमाम जोखिम कम करने की कुव्वत है, जो विकसित देशों के साथ जुड़े हुए हैं। इसके अलावा मंदी की वजह से परेशानहाल अर्थव्यवस्थाओं में चलने वाले पारंपरिक कारोबारों को नुकसान की सूरत में भी यह कदम फायदेमंद हो सकता है।’

उन्होंने कहा कि सत्यम वैश्विक आईटी और आईटी से जुड़ी सेवाओं के कारोबार पर जोर देना बदस्तूर जारी रखेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि मायतास की कंपनियों के साथ मिलने के बाद शेयरधारकों को बेहतर और बेहतर रिटर्न हासिल होंगे। चुनौतीपूर्ण और धुंध से भरे कारोबारी माहौल में इससे काफी फायदा होगा।

राजू ने कहा, ‘हमें इसका भी पूरा यकीन है कि मायतास की कंपनियों के हमारे साथ आने के बाद कारोबारी लिहाज से हम ज्यादा मजबूत होंगे। इतना ही नहीं बाजार के अनिश्चितता भरे माहौल में यह सौदा हमें खासी राहत देगा।’

लेकिन बाजार के जानकार इस सौदे को उम्मीद भरी निगाह से नहीं देख रहे। सत्यम पर बारीक निगाह रखने वाले विश्लेषक इस अधिग्रहण की तुक समझने की कोशिश में ही जुटे हैं। उन्हें अभी यह समझ नहीं आ रहा है कि सत्यम ने शेयरधारकों के पैसे को इस अधिग्रहण के रूप में सही जगह लगाया है या नहीं।

First Published : December 16, 2008 | 11:28 PM IST