वाहन एवं ट्रैक्टर फाइनैंस कंपनी एमऐंडएम फाइनैंशियल सर्विसेज बाजार में तगड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये उपभोक्ता ऋण श्रेणी से उल्लेखनीय कारोबार हासिल करना चाहती है। कंपनी अपनी डिजिटल कारोबार इकाई के जरिये अगले तीन वर्षों के दौरान अपने मौजूदा ग्राहकों को 20,000 करोड़ रुपये के अल्पकालिक ऋण वितरित करने की योजना बना रही है। यह कंपनी के भीतर एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर परिचालन करेगा।
कंपनी एक दमदार बहीखाता (डिजिटल कारोबार इकाई में) तैयार करने की उम्मीद कर रही है। इससे न केवल एमऐंडएम फाइनैंस की वृद्धि को रफ्तार मिलेगी बल्कि उसे अपने मौजूदा ग्राहकों को बरकरार रखने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि कंपनी को बहुत अधिक प्रतिस्पर्धी दबाव नहीं दिख रही है लेकिन कुछ कंपनियां ट्रैक्टर एवं यूटिलिटी व्हीकल फाइनैंसिंग क्षेत्र में उतरने की कोशिश कर रही हैं। कंपनी के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रमेश अय्यर ने कहा कि एमऐंडएम फाइनैंस वैकल्पिक संभावनाओं पर भी गौर कर रही है और इसलिए डिजिटल कारोबार इकाई की स्थापना की गई है।
कंपनी ने अमित राजे को पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (डिजिटल फाइनैंस कारोबार) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी हो चुका है।
अय्यर के अनुसार, कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 25 लाख है और हर साल 7.5 से 8 लाख नए ग्राहक जुड़ रहे हैं। कारोबार शुरू करने के लिए ये इन-हाउस ग्राहकों उपलब्ध हैं। यह इकाई अच्छे भुगतान रिकॉर्ड वाले अपने मौजूदा ग्राहकों को 12 महीनों के लिए लघु ऋण- पर्सनल और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन- उपलब्ध कराएगी।
फिलहाल उनमें से कई ग्राहक परिवारों, व्यापारी समुदायों और ऋणदाताओं से रकम हासिल कर रहे हैं।
कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के प्रभाव के बारे में अय्यर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि विभिन्न राज्यों में स्थानीय लॉकडाउन के कारण पहली तिमाही के दौरान कारोबार की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है लेकिन वह वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही के मुकाबले बेहतर रहेगा।
अय्यर ने कहा, ‘अप्रैल में फसल अच्छी रही है और कृषि क्षेत्र में नकदी प्रवाह भी अच्छा रहा है। लोगों के पास पैसा है लेकिन मौजूदा स्थिति में सुधार होने तक वे खर्च नहीं करना चाहेंगे और उसके बाद वे पुनर्भुगतान करेंगे। सड़क एवं निर्माण में बुनियादी ढांचा परियोजना के अनुबंध तैयार हैं। इससे कारोबार मिलनी चाहिए। साथ ही इस साल मॉनसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी की गई है। इससे कारोबार में तेजी आएगी।’
कंपनी की ऋण परिसंपत्तियां मार्च 2021 में घटकर 64,608 करोड़ रुपये की रह गईं जो मार्च 2020 में 68,089 करोड़ रुपये रही थीं। इसी प्रकार ऋण वितरण भी वित्त वर्ष 2021 में 41 फीसदी घटकर 19,001 करोड़ रुपये हो गया जो वित्त वर्ष 2020 में 32,381 करोड़ रुपये रहा था।