मायटास इन्फ्रा की दौड़ेगी मेट्रो!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 11:03 AM IST

मायटास इन्फ्रा की अग्रणी भूमिका वाले समूह ने 12,000 करोड़ रुपये वाली हैदराबाद मेट्रो रेल (एचएमआर) परियोजना के लिए वित्त मुहैया कराने की मियाद मार्च 2009 रखी थी जो कि काफी नजदीक है ।


उसे उम्मीद है कि परियोजना के लिए आवश्यक फंड इस समय सीमा के भीतर ही जुटा लिए जाएंगे। एचएमआर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एनवीएस रेड्डी का के अनुसार कंपनी इस परियोजना के लिए वित्त मुहैया करा पाने में सफल रहेगी।

पिछले सप्ताह बुनियादी ढांचा बनाने वाली कंपनी की 71 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना को लेकर उसकी वित्तीय क्षमताओं पर सवालिया निशान उठने लगे, जब सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की मायटास इन्फ्रा और मायटास प्रॉपर्टीज के अधिग्रहण की कोशिश नाकामयाब हो गई।

पिछले सप्ताह सत्यम के संस्थापक और चेयरमैन बी रामलिंग राजू ने मायटास की दोनों कंपनियों में 7,680 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम निवेश करने की योजना बनाई थी।

इन सवालों को खारिज करते हुए रेड्डी का कहना है कि एचएमआर बोर्ड ने बनाओ-चलाओ-सौंपो (बीओटी) परियोजना की 15 दिसंबर को समीक्षा की है और वह इस परियोजना की प्रगति को लेकर संतुष्ट है। उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘काफी काम किया जा रहा है।’

हालांकि इस परियोजना की समीक्षा का ताजातरीन मामले से कोई मेल नहीं है क्योंकि वह सत्यम के इन्फ्रास्ट्रक्चर फर्म के अधिग्रहण के इरादे वाली घोषणा से एक दिन पहले की गई थी और एक दिन बाद सत्यम ने चेयरमैन ने निवेशकों के आक्रोश को देखते हुए अपना फैसला वापस ले लिया था।

रेड्डी का कहना है कि मायटास ने सूचित किया था कि उसके समूह की दूसरी कंपनी आईएलऐंडएफएस विभिन्न बैंकों के साथ बातचीत कर रही है और परियोजना के लिए कुल कर्ज के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से के लिए गठजोड़ कर लिया गया है। मायटास इस समूह में नव भारत वेंचर्स लिमिटेड, इटैलियन-थाई डेवलपमेंट पीएलसी और आईएलऐंडएफएस शामिल है।

रेड्डी के अनुसार इस समूह ने परियोजना के डिजाइन कार्य के लिए 100 के करीब सलाहकारों को नियुक्त किया है। साथ ही इसने सुरक्षा जमा के रूप में 60 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी दी है।

हालांकि इस परियोजना के लिए सिविल स्ट्रक्चर, मेट्रो के डिब्बे, सिग्नल  टेलीकॉम, इलेक्ट्रिकल और यांत्रिक उपकरणों के लिए निविदा आमंत्रित कराए गए हैं।

मायटास इन्फ्रा के मुख्य वित्त अधिकारी वीवीआर राजू ने भी पहले कहा था कि कंपनी की चालू परियोजनाओं के लिए वित्त मुहैया कराना कोई मुद्दा नहीं है।

First Published : December 24, 2008 | 10:50 PM IST