एनएमडीसी के संयुक्त उपक्रम में साझेदार बनने को कई बेताब

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 10:00 PM IST

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के ताप कोयला संयुक्त उपक्रम में भागीदार बनने की दौड़ में लक्ष्मी मित्तल के निवेश वाली सोफिया पावर कंपनी, अदानी पावर, केएसके पावर और मोनेट इस्पात शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनियों ने अपना पक्ष रख दिया है। जल्द ही इन तथ्यों को एनएमडीसी बोर्ड के सामने रखा जाएगा। मालूम हो कि एनएमडीसी देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और निर्यातक कंपनी है।
अब यह कंपनी ताप कोयले के उपक्रम में तेजी से पांव बढ़ाने जा रही है। कंपनी की योजना है कि इस परियोजना को अलग कंपनी के रूप में शुरू किया जाए। इसके लिए एनएमडीसी ने जनवरी में एक निविदा आमंत्रित की थी। इसमें बताया गया था कि लोक-निजी साझेदारी के तहत परियोजना का विकास किया जाएगा।
बहरहाल इस निविदा का सबसे प्रबल दावेदार कौन है, यह बताने से सूत्र ने साफ मना कर दिया। याद हो कि कुछ साल पहले जब एनएमडीसी ने लौह अयस्क के लिए निविदा आमंत्रित की थी तो उसमें लक्ष्मी निवास मित्तल ने भी रुचि दिखाई थी।
मित्तल इसके लिए कंपनी के साथ साझेदारी करने को इच्छुक थे। इस प्रस्तावित परियोजना की दौड़ में सोफिया पावर भी शामिल है। यह वही कंपनी है जिसमें कभी इंडियाबुल्स रियल एस्टेट की शतप्रतिशत हिस्सेदारी थी।
पिछले साल लक्ष्मी निवास मित्तल परिवार की ओर से एलएनएम इंडिया इंटरनेट वेंचर्स और एक अन्य कंपनी फैरेलॉन कैपिटल मैनेंजमेंट लिमिटेड ने इसकी कुछ हिस्सेदारी खरीद ली थी। मौजूदा परियोजना के लिए एनएमडीसी मध्य प्रदेश में कोयले के दो ब्लॉक पहले ही आवंटित कर चुकी है। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल में भी कोयले का एक ब्लॉक आवंटित कर दिया जाएगा।
वीरभूम स्थित कोयले का यह भंडार देश के 5 सबसे बड़े कोयला भंडारों में है। यह भंडार करीब 2 अरब टन और 9.7 वर्गकिलोमीटर में फैले होने का अनुमान है। वीरभूम के भंडार में एनएमडीसी के 50 फीसदी शेयर हैं। वहीं पश्चिम बंगाल खनिज विकास और व्यापार निगम के 40 फीसदी और पश्चिम बंगाल ऊर्जा वितरण कंपनी लिमिटेड के 10 फीसदी शेयर हैं।
एनएमडीसी के पास अधिकार है कि वह कंपनी में अपनी 15 हिस्सेदारी बेच सके। मध्य प्रदेश के बाकी दो ब्लॉक हालांकि छोटे हैं। फिलहाल कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में एनएमडीसी के खदानों से 3 करोड़ टन लौह अयस्क का उत्पादन हो रहा है। लक्ष्य है कि 2014-15 तक उत्पादन बढ़ाकर 5 करोड़ टन कर दिया जाए।
लौह अयस्क बेचने के लिए एनएमडीसी ने रियो टिंटो, स्पाइस मिनरल्स ऐंड मेटल्स के साथ समझौता किया है। यह कंपनी देश की बड़ी इस्पात कंपनियों जैसे जेएसडब्ल्यू स्टील, एस्सार स्टील और इस्पात इंडस्ट्रीज को लौह अयस्क की आपूर्ति करती है।

First Published : March 29, 2009 | 9:47 PM IST