दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई एलिवेटर कंपनी (हेल्को) और काइनेटिक एलिवेटर ऐंड एस्केलेटर लिमिटेड (केईईएल) ने 60:40 संयुक्त वेंचर बनाने के लिए आपस में हाथ मिलाया है।
इसके तहत केईईएल भारत में तीव्र गति के लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों का निर्माण करेगी। नवगठित कंपनी काइनेटिक हुंडई एलिवेटर ऐंड मूवमेंट टेक्नोलॉजिज लिमिटेड, चीन और दक्षिण कोरिया की हेल्को इकाई से निर्मित उपकरण खरीदेगी और उसका इस्तेमाल भारत में करेगी।
इस समझौते के तहत केईईएल ने हेल्को में अपनी 40 फीसदी हिस्सेदारी बेची है, लेकिन रकम का खुलासा नहीं किया गया। इससे पहले केईईएल पिछले 10 साल से भारत में हुंडई की स्वचालित सीढ़ियों और लिफ्ट का इस्तेमाल करती रही है।
काइनेटिक ग्रुप के अध्यक्ष अरुण फिरोदिया ने कहा, ‘भारत में बुनियादी ढांचा में विकास की संभावना को देखते हुए हमने कोरियाई कंपनी के साथ हाथ मिलाया है। हमलोग शुरूआत में मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में स्वचालित सीढ़ियां और लिफ्ट लगाने का काम करेंगे। इसके बाद इसका विस्तार पूरे देश में किया जाएगा।’
हुंडई संयुक्त वेंचर के तहत 1,000 मीटर प्रति मिनट की तीव्र गति से लंबवत चलने वाली स्वचालित सीढ़ियां बनाएगी। इसके अलावा कंपनी कार पार्किंग तंत्र, पैदल यात्री मार्ग, मेट्रो रेल के परिवहन के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन दरवाजा आदि उत्पाद लाएगी।
हेल्को के अध्यक्ष जिन चुल सॉन्ग ने कहा, ‘भारत में हमारी कोई निर्माण इकाई नहीं है। सारे उपकरणों को पहले लगाया जाएगा और फिर इसका परिचालन संभव हो पाएगा। लेकिन अगर इस दिशा में बेहतर विकास की संभावना दिखेगी, तो भारत में भी निर्माण इकाई की स्थापना की जा सकती है।’