बीएस बातचीत
कोविड-19 महामारी से क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट्स (क्यूएसआर) की लोकप्रियता बढ़ी है, क्योंकि उपभोक्ता अब संगठित कंपनियों की तरफ ध्यान बढ़ा रहे हैं। विवेट सुजन पिंटो के साथ बातचीत में वेस्टलाइफ डेवलपमेंट के वाइस-चेयरमैन अमित जटिया ने कहा कि संगठित कंपनियां आगामी महीनों में और ज्यादा मजबूत हो सकती हैं। वेस्टलाइफ डेवलपमेंट पश्चिम और दक्षिण भारत में मैकडॉनल्ड के रेस्तरांओं का संचालन करती है। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
दिसंबर तिमाही में वेस्टलाइफ डेवलपमेंट की रिकवरी कैसी रही?
हम दिसंबर में 97 प्रतिशत बिक्री सुधार के साथ इस तिमाही में सफल रहे। मासिक-दर-मासिक आधार पर व्यवसाय बेहतर हुआ हे, क्योंकि सरकार ने प्रतिबंधों में ढील दी है। दिसंबर में डाइन-इन बिक्री कोविड-पूर्व स्तरों के 83 प्रतिशत पर रही, जो एक अच्छा संकेत है। इसके अलावा, हमारे टेक-अवे, डिलिवरी, और ड्राइव-थ्रू जैसे पारंपरिक चैनलों से भी बिक्री मजबूत बनी रही। इससे संकेत मिलता है कि संगठित कंपनियों, खासकर वेस्टर्न क्यूएसआर में भरोसा बना हुआ है। यही वजह है कि पारंपरिक चैनलों से बिक्री में कमी नहीं आई।
लेकिन क्या संगठित कंपनियों को महामारी की वजह से खान-पान बाजार पर पैदा हुए दबाव का अच्छा लाभ मिला है?
हां। औपचारिक ईटिंग-आउट यानी घर से बाहर खाना खाने संबंधित बाजार महामारी की वजह से 25-30 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ और सुरक्षित तथा स्वच्छ खानपान स्थानों के लिए पसंद बढ़ी है। इसमें, पश्चिमी फास्ट-फूड चेन कम प्रभावित हुईं, क्योंकि इन ब्रांडों के लिए भरोसा मजबूत बना हुआ है। हालांकि पश्चिमी क्यूएसआर को उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ा था। सख्त गुणवत्ता जांच, साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा ऐसे मंत्र हैं जिनमें हम विश्वास रखते हैं और हमारे स्टोरों में हर समय स्वच्छता बनाए रखने के हरंसभव प्रयास किए गए।
खासकर शेयर बाजार में शानदार शुरुआत के बाद मैकडॉनल्ड के लिए बर्गर किंग किस हद तक खतरा बनी है?
हम ढाई दशक से जयादा समय से सक्रिय हैं। प्रतिस्पर्धी आए और गए। हम भारत में बर्गर सेगमेंट में 90 प्रतिशत से ज्यादा भागदारी बनाए हुए हैं। प्रतिस्पर्धी तीव्रता से हम प्रभावित नहीं हुए। बर्गर किंग 6 साल से बाजार में है और वह नए रेस्तरां खोल रही है। फिरभी हमने अपनी औसत यूनिट बिक्री समान अवधि में 60 प्रतिशत तक बढ़ाई है। निश्चित तौर पर, हम इस स्तर के व्यवसाय को आकर्षित करने के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं।
ईटिंग-आउट बाजार में आप किस तरह के नए ट्रेंड देख रहे हैं?
इस्तेमाल के नजरिये से ऐसे रेस्तरां ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जो कार्य स्थलों, या शैक्षिक संस्थानों, या बस टर्मिनल और स्टेशनों जैसे स्थानों के नजदीक हैं। हालांकि प्रमुख आउटलेटों पर विंडो-सेल दोगुनी हुई है। मुझे यह तेजी कुछ समय तक बरकरार रहने की संभावना है, क्योंकि वर्क-फ्रॉम-होम और लर्न-फ्रॉम होम बरकरार है।
भारत में टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है और अब हालात कब तक सामान्य हो जाने की उम्मीद है?
मुझे टीकाकरण का पहला चरण पूरा हो जाने के बाद जून-जुलाई में हालात सामान्य हो जाने की संभावना है। हालांकि लोगों को सुरक्षा और सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल बनाए रखने के प्रति सतर्क रहने की जरूरत होगी। हर समय घर पर रहना कठिन हो रहा है और इससे लोग बाहर निकलना, खरीादरी करना और बाहर खाना पसंद करेंगे।
क्या आगामी महीनों में नए स्टोरों की लोकप्रियता बढ़ेगी?
हां, ऐसा होगा। दिसंबर तिमाही में हमने तीन नए स्टोर खोले। हम इस वित्त वर्ष में कुछ और स्टोर खोलेंगे। वित्त वर्ष 2022 तक, हम फिर से हर साल 25-30 स्टोर खोलने के लक्ष्य पर ध्यान देंगे। चूंकि रियल एस्टेट कीमतें तर्कसंगत हुई हैं और इससे हमें और ज्यादा परिसंपत्तियां जोडऩे में मदद मिलेगी। हमारी रणनीति डाइवर्सिफाइड रियल एस्टेट पोर्टफोलियो पर काम करने की रही है।