विलय पर आयकर विभाग की नजर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 7:08 AM IST

वोडाफोन मामले में विभाग के पक्ष में अदालत का फैसला आने के बाद आयकर विभाग ने गुरुवार को कहा कि विदेशी कंपनियों की ओर से भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण और विलय से संबंधित दर्जनभर मामलों की जांच की जा सकती है।


उल्लेखनीय है कि वोडाफोन इंटरनेशन होल्डिंग की ओर से बंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें कंपनी ने पूंजी प्राप्ति लाभ कर (कैपिटल गेन टैक्स) के बारे में आयकर विभाग के कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी। हालांकि कोर्ट ने बुधवार को आयकर विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष एन.बी. सिंह ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से विभाग उत्सहित है और उसे विदेशों में स्थित कंपनियों से भारतीय कंपनियों के विलय, अधिग्रहण मामले पर पूंजी प्राप्ति लाभ कर वसलूने में सहायता मिलेगी।

हालांकि विभाग ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि किन-किन कंपनियों के मामलों की जांच की जा रही है।

लेकिन इतना तय है कि अगर विभाग ऐसा करती है, तो वह कर के साथ-साथ पेनाल्टी और उस पर ब्याज भी वसूल कर सकती है।

बता दें कि हाल के दिनों में जापान की प्रमुख दूरसंचार कंपनी एनटीटी डोकोमो ने टाटा टेलिसर्विसेज की 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है।

इसके साथ ही लंदन स्थित वेदांता रिसोर्सेज ने सेसा गोवा लिमिटेड के 51 फीसदी शेयर की खरीदारी की है।

जेनरल इलेक्ट्रिक्स ने भी अपनी बीपीओ इकाई जेनपैक्ट को बेचा है। ऐसे में विभाग इस कंपनियों की जांच कर सकता है।

जहां तक वोडाफोन का मामला है, तो बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पूंजी लाभ कर के रूप में उसे करीब 10,000 करोड़ रुपये (दो अरब डॉलर) देने होंगे।

हालांकि उच्च न्यायालय ने वोडाफोन को इस मामले में याचिका दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है।

उधर, कंपनी वोडाफोन ने इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।

First Published : December 4, 2008 | 11:49 PM IST