निर्देश मिले तो 2 दिन में मेट्रो चला देंगे हम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 3:25 AM IST

बीएस बातचीत
देश भर में मेट्रो सेवा पूरी तरह से बंद हुए 5 महीने होने को हैं। ऐसे में ऑपरेटरों के कारोबार में अप्रत्याशित व्यवधान आया है। ज्योति मुकुल  और मेघा मनचंदा के साथ दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने दिल्ली परिवहन की जीवन रेखा की वित्तीय व परिचालन संबंधी चुनौतियों और उसके भविष्य पर बात की। प्रमुख अंश….
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए दिल्ली मेट्रो जीवन रेखा है। क्या आपको लगता है कि परिचालन में देरी होने से लोग मेट्रो सेवाओं से दूर होंगे और निजी वाहन छोड़कर मेट्रो इस्तेमाल करने के लाभ इससे खत्म होंगे?
सेवाएं बहाल होने पर निकट भविष्य में मेट्रो के लिए यह चुनौती होगी। जो लोग निजी वाहन का खर्च वहन कर सकते हैं, वे उनका इस्तेमाल करेंगे। लोगों को मेट्रो सेवा को अपने रोज की आवाजाही में इस्तेमाल में लाने में वक्त लगेगा। यह अस्थाई नुकसान है और जब महामारी पूरी तरह खत्म हो जाएगी, लोग हमारी सेवाओं की ओर लौटेंगे। निजी वाहन दीर्घावधि के हिसाब से सार्वजनिक परिवहन के विकल्प नहीं हैं।

डीएमआरसी विश्व की एकमात्र मेट्रो सेवा है, जो 5 महीने के लिए पूरी तरह से बंद हुई है, अन्य किसी देश या शहर ने अपनी सार्वजनिक सेवाएं रद्द नहीं की हैं। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
हम फैसला लेने वालों की स्वतंत्रता पर संदेह नहीं कर सकते हैं। हम सिर्फ निर्देशों का पालन करते हैं। हम सार्वजनिक परिवहन का परिचालन करते हैं और कोविड-19 से कैसे निपटा जाए, इसकी विशेषज्ञता हमें नहीं है। सरकार हमसे जो भी कहेगी, हम वैसा करेंगे।

दिल्ली मेट्रो रेल की वित्तीय स्थिति पर लॉकडाउन का क्या असर होगा?
लॉकडाउन के पहले मेट्रो में रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की संख्या 60 लाख पहुंच गई थी, जिससे मोटे तौर पर 10 करोड़ रुपये टिकट से आमदनी होती थी। बंदी को 150 दिन हो गए हैं, ऐसे में नुकसान करीब 1,500 करोड़ रुपये का है। (डीएमआरसी का परिचालन 22 मार्च से बंद है, जिस दिन जनता कफ्र्यू की घोषणा हुई और उसके बाद बंदी की घोषणा हो गई)। इस समय नेहरू प्लेस, हुडा सिटी सेंटर आदि जैसी जगहों पर बने स्टेशनों पर 400 के करीब दुकानें हैं, उनसे भी नुकसान हो रहा है। 2018-19 में गैर यात्री किराये से राजस्व 594 करोड़ रुपये था, जिसमें किराये, लीज और कंसल्टेंसी आदि से होने वाली आमदनी शामिल है।

क्या दिल्ली मेट्रो के रियल एस्टेट का इस्तेमाल करने वाले किरायेदार ने फोर्स मेजर की बात की है?
हां। खुदरा साझेदार मेट्रो रियल एस्टेट का इस्तेमाल करने वालों ने कहा है कि वे डीएमआरसी को भुगतान नहीं कर सकते हैं। उन्होंने अपना पक्ष रखा है और हम उनके लिए हर्जाना पैकेज पर काम कर रहे हैं। महाप्रबंधक स्तर की समिति गठित की गई है, जो खुदरा कारोबारियों के मुआवजे को लेकर रिपोर्ट देगी।

क्या डीएमआरसी कर्ज भुगतान करने की स्थिति में है? कर्ज टालने की मांग को लेकर वित्त मंत्रालय की प्रतिक्रिया क्या रही है?
अब तक हमने कर्ज भुगतान में चूक नहीं की है। 1,100 करोड़ रुपये कर्ज बकाया है और हमने कर्ज के भुगतान टालने या कुछ राहत दिए जाने के लिए केंद्र से अनुरोध किया है। जरूरत पड़ी तो सरकार से हम और सहयोग मांगेंगे।

अब शारीरिक दूरी की जरूरत बताई जा रही है। मेट्रो सेवाएं बहाल होने पर आप इसके लिए कितना तैयार हैं? मेट्रो के परिचालन में तकनीक की कितनी भूमिका होगी?
मेट्रो शुरू होने पर शारीरिक दूरी के प्रतिबंध चुनौतीपूर्ण होंगे। मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत हम यह घोषणा करेंगे कि प्रमुख स्टेशनों पर एक या दो गेट खुलेंगे। टोकन लेना जोखिम भरा है, इसलिए हम इसकी इजाजत नहीं देंगे। इसकी जगह पर स्मार्ट कार्ड चलेंगे और उनको डिजिटल भुगतान से रिचार्ज किया जाएगा।

अगर अनलॉक-3 में गृह मंत्रालय आपको परिचालन की अनुमति देता है तो मेट्रो सेवाएं बहाल करने में कितना वक्त लगेगा?
हमें ज्यादा वक्त की जररूरत नहीं होगी। सेवाएं शुरू करने के लिए 2 दिन चाहिए। हमारा सिस्टम तैयार है, कुछ स्टेशनों पर सफाई और सैनिटाइजेशन होना है।

आप पूरी सेवा बहाल करेंगे या इसमें कटौती होगी? क्या मुंबई की उपनगरीय रेल की तरह आप भी सिर्फ जरूरी सेवाओं के कर्मियों को अनुमति देंगे?
हम पूर्ण सेवा बहाल करना चाहेंगे, जिससे शारीरिक दूरी संभव हो सके और भीड़ न हो। हम यात्रियों की श्रेणी चुनकर उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दे सकते। इसके बारे में हमें केंद्र सरकार जानकारी देगी।

क्या सेवाएं फिर से शुरू होने से डीएमआरसी की परिचालन व रखरखाव लागत बढ़ेगी?
नहीं। परिचालन व रखरखाव पर लागत नहीं बढ़ेगी, लेकिन हमने कुछ क्षेत्र चिह्नित किए हैं, जहां कुछ काम टालकर व्यय घटाया जा सकता है। मुख्य रूप से गैर जरूरी व्यय में कटौती होगी।

First Published : August 16, 2020 | 11:37 PM IST