पर्सनल केयर के क्षेत्र की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) चार साल बाद मार्केट कैपिटेलाइजेशन (एम कैप) के लिहाज से सबसे बड़ी 10 कंपनियों में शामिल हो गई है।
उसकी रैंकिंग अब 11 से 9 हो गई है। उसे सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएमडीसी) और एमएमटीसी द्वारा अपना एम कैप गंवाने का लाभ मिला। इसके साथ खुद एचयूएल के मार्केट कैप में 0.13 का इजाफा हुआ। इससे उसे टॉप टेन में आने में मदद मिली।
एचयूएल के साथ आईटीसी के भी टॉप टेन में आ जाने से एक बार फिर एफएमसीजी सेक्टर आकर्षण का केंद्र बन गया है। एचयूएल चार साल के बाद फिर से मार्केट कैपिटेलाइजेशन के लिहाज से दस शीर्ष कंपनियों में शामिल है।
इससे पहले 24 अगस्त, 2004 में आईटीसी और एचयूएल क्रमश: 25,928 करोड़ रुपये और 24,270 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ एकसाथ इस सूची में टॉप टेन में शामिल थे। हालांकि 24 अगस्त 2004 से आठ जनवरी 2008 के बीच जब बाजार तेज था, उस दौरान इन दोनों कंपनियों का प्रदर्शन बाजार से कमजोर रहा था।
इस दौरान आईटीसी 235 फीसदी और एचयूएल 114 फीसदी चढ़ा था, लेकिन इस दौरान सेंसेक्स 300 फीसदी ऊपर गया था। बाजार के वर्तमान कमजोर हालात में एफएमसीजी सेक्टर का प्रदर्शन सेंसेक्स से बेहतर रहा।
एफएमसीजी का सूचकांक 8 जनवरी 2008 से अब तक सिर्फ 23.3 फीसदी गिरकर 2,505.11 अंकों से गिरकर 1,902.85 अंकों के स्तर पर आया है जबकि इस दौरान सेंसेक्स 56.75 फीसदी गिरकर 20,873 से 9,026.72 हो गया है। इसी समयावधि में एचयूएल एक फीसदी चढ़ा, जबकि आईटीसी 25 फीसदी तक गिरा।
जनवरी के सर्वोच्च स्तर से अधिकांश पहली कतार के शेयर 50 फीसदी से अधिक गिरे हैं, वहीं एफएमसीजी शेयरों का पीई वैल्यूएशन इस तेजी से नहीं गिरा है। इस समय एफएमसीजी के शेयर पीई के 20 गुने पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि सेंसेक्स पीई के 11.12 गुने पर है।
टॉप टेन कंपनियां
एम-कैप करोड़ रुपये में पीई अनुपात
रिलायंस इंड. 178,971 11.68
ओएनजीसी 149,808 7.54
एनटीपीसी 135,474 18.14
भारती एयरटेल 124,271 17.24
स्टेट बैंक 70,107 7.70
इन्फोसिस टेक 67,970 13.04
आईटीसी 64,952 20.57
भेल 63,596 22.06
एचयूएल 52,208 27.26
टीसीएस 51,572 10.05