अमेरिकी कंपनी नोवेलिस के अधिग्रहण के दो साल बाद हिंडाल्को यह अनुमान लगा रही है कि अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग के दिशा निर्देशों के तहत उसे 7000 करोड़ रुपये बट्टे खाते में डालने पड़ सकते हैं।
कंपनी ने कहा है कि इसकी भरपाई के लिए वह 8600 करोड़ रुपये के शेयर प्रीमियम का इस्तेमाल करेगी। इस लेनदेन से कंपनी की नकदी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन समानुपातिक तौर पर कंपनी की कुल संपत्ति में कमी जरूर आएगी। इस वजह से कर्ज इक्विटी अनुपात प्रभावित होगा।
कंपनी पर 20,000 करोड़ रुपये के करीब कर्ज है। इसकी कुल संपत्ति 19000 करोड़ रुपये है। सूत्रों ने बताया कि अधिग्रहण संबधी दिशा निर्देशों की वजह से रकम गंवाने के बाद कंपनी की कुल संपत्ति गिरकर 12,000 करोड़ रुपये रह जाएगी।
बिजनेस स्टैंडर्ड से की गई बातचीत में हिंडाल्को के प्रमुख वित्तीय अधिकारी एस. तेंदुलकर ने बताया कि संपत्ति के नुकसान से कंपनी के पूंजी प्रवाह पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे कंपनी की कुल संपत्ति पर असर पड़ेगा।
हालांकि संपत्ति नुकसान की वजह से वास्तविक नुकसान के बारे में कुछ भी कहने से उन्होंने इनकार कर दिया। 2008 में हिंडाल्को ने अपनी कुल संपत्ति में इजाफा करने के लिए राइट इश्यू के जरिये 5000 करोड़ रुपये की उगाही की थी।
इस करार से जुड़े एक बैंकर ने कहा, ‘इस हानि के बारे में पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय बाजार के नियमों के अनुरूप नहीं था। नोवेलिस के प्रदर्शन की वजह से ये सब नहीं हो रहा है। हिंडाल्को ने राइट्स इश्यू के जरिये 5000 करोड़ रुपये जुटाए थे।’