फाइनवाइंसमोर पेश करेगी अपने निजी ब्रांड

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 8:45 AM IST

घरेलू शराब बाजार में विकास को देखते हुए महंगी आयातित शराब बेचने वाली कंपनी फाइनवाइंसमोर ने शराब शृंखला में अपने निजी ब्रांड उतारने की योजना बनाई है।


कंपनी इटली और उत्तरी भारत में शराब बनाने वाले कारखानों से संयुक्त उपक्रम बनाने के लिए बातचीत कर रही है। इस संयुक्त उपक्रम के तहत कंपनी फाइनवाइंसमोर ब्रांड तले ही शराब पेश करेगी।

फाइनवाइंसमोर की संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी धरती देसाई ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘मौजूदा समय में कारखाना लगाने और माल मुहैया कराने के लिए सही जगह के लिए व्यवहार्य परीक्षण किया जा रहा है।’

कंपनी को उम्मीद है कि 2010 की शुरुआत में वह अपनी शराब बाजार में पेश कर देगी। उनका कहना है, ‘अगले साल हम अपनी रिटेल मौजूदगी को बढ़ाने और नए उपक्रम के लिए सहायता मुहैया कराने पर ध्यान देंगे।’

जहां ज्यादातर कंपनियां शराब बनाने के लिए नासिक क्षेत्र से अंगूर लेती हैं, वहीं फाइनवाइंसमोर हिमाचल प्रदेश में शराब के कारखानों का परीक्षण कर रही है।

फिलहाल कंपनी फ्रांस, इटली, चिली, ऑस्ट्रेलिया में 40 से अधिक शराब बनाने वाली कंपनियों के साथ काम कर रही है और कंपनी 140 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शराब के ब्रांडों का कारोबार करती है।

इसके अलावा कंपनी अपनी तरह का पहला कॉन्सेप्ट बार भी खोलने वाली है, जिससे देश में शराब और शैम्पेन को बढ़ावा दिया जाएगा।

देसाई का कहना है, ‘आज अगर आप किसी शराब की दुकान पर जाते हैं, वहां शराब से ज्यादा बीयर और दूसरे उत्पाद मिलते हैं। इसलिए यह शराब के लिए एक विशेष जगह होना काफी अहम है, जहां उन्हें इसकी सही जानकारी भी दी जा सके।’

हालांकि उन्होंने इस कॉन्सेप्ट बार का ब्रांड नाम नहीं बताया। इन बार में शराब और शैम्पेन के अलावा कुछ महंगे एल्कोहल के साथ-साथ खाद्य पदार्थ भी परोसे जाएंगे। इस तरह के बार के लिए कंपनी ने मुंबई में 5 और दिल्ली में 3 जगहें भी चुन ली हैं।

कंपनी का सबसे पहला बार मुंबई में जनवरी में खोला जाएगा और उसके बाद दूसरा बार दिल्ली में अगले साल अप्रैल में खुलेगा। कंपनी को उम्मीद है कि वह शराब पीने के तरीके को ऑनलाइन शुरू किए गए एफएमडब्ल्यूक्लब की मदद से बढ़ावा देगी, जहां विशेषज्ञों लोगों को इस मामले में मदद करेंगे।

भारतीय का शराब बाजार के 12 लाख केस (एक केस में 12 बोतल) होने का अनुमान है, जिसमें आयातित शराब लगभग 2 लाख केस है। भारत में कुल शराब उद्योग में लक्जरी शराब का बाजार लगभग 12 से 15 प्रतिशत है और फाइनवाइंसमोर को मौजूदा वित्त वर्ष में अपना राजस्व दोगुना होकर 5.5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

First Published : December 11, 2008 | 10:53 PM IST