भारत में पैदा हुए कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स के स्वामित्व वाली कंपनी फेयरफैक्स इंडिया अपनी हवाई अड्डा एवं अन्य बुनियादी ढांचा निवेश कंपनी एंकरऐज इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारत में सूचीबद्ध कराने की योजना बना रही है। इस बीच फेयरफैक्स के नियंत्रण वाली कंपनी बेंगलूरु इंटरनैशनल एयरपोर्ट (बीआईएएल) करीब 2.2 अरब डॉलर का निवेश करेगी ताकि 2034 तक करीब 9 करोड़ यात्रियों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सके।
फेयरफैक्स के चेयरमैन प्रेम वत्स ने शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में कहा है कि जून 2019 में अपनी स्थापना के बाद से ही एंकरऐज इन्फ्रास्ट्रक्चर ने भारतीय हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों के निजीकरणी की प्रक्रिया में सक्रियता से भाग लिया है।
वत्स ने कहा, ‘अनोखे एवं मूल्यवान बुनियादी ढांचे एवं संबद्ध कारोबार की तलाश जारी है। हमने एंकरऐज को भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कराने के लिए तैयारी भी शुरू कर दी है।’ उन्होंने कहा कि फेयरफैक्स इंडिया मार्च 2021 में इस लेनदेन को पूरा करने की उम्मीद कर रही है। इसके तहत कंपनी बीआईएएल में अपनी कुल 54 फीसदी हिस्सेदारी में से 43.6 फीसदी हिस्सेदारी एंकरऐज को हस्तांतरित करेगी और एंकरऐज की 11.5 फीसदी हिस्सेदारी 13 करोड़ डॉलर के नकद सौदे के तहत बेचेगी।
इस लेनदेन के तहत बीआईएएल में 100 फीसदी हिस्सेदारी का मूल्य 2.6 अरब डॉलर है। इसके तहत बीआईएएल में अप्रत्यक्ष तौर पर ओएमईआरएस की 5 फीसदी हिस्सेदारी होगी। मार्च 2017 से मई 2018 के बीच फेयरफैक्स ने बीआईएएल में 54 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 65.3 करोड़ डॉलर का निवेश किया है।
वत्स ने बीआईएएल के विस्तार के बारे में कहा कि 2034 तक 9 करोड़ यात्रियों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। इस विस्तार पर कुल करीब 2.2 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसके लिए आंतरित संसाधनों और ऋण के जरिये वित्त पोषण की व्यवस्था की जाएगी।
सितंबर 2020 में समाप्त दो तिमाहियों के दौरान बीआईएएल का राजस्व 79 फीसदी घटकर 2.3 करोड़ डॉलर रह गया। प्रबंधन ने परिचालन संबंधी कई क्षमताओं का फायदा उठाया जिससे सालाना 1 करोड़ डॉलर की बचत होगी।
पिछले साल के मुकाबले यात्री यातायात 60 फीसदी घटकर लगभग 1.4 करोड़ रह गया और माल ढुलाई में करीब 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। आईएफआरएस के आधार पर बीआईएएल का राजस्व 58 फीसदी घटकर 8.31 करोड़ डॉलर रह गया। इसके परिणामस्वरूप कंपनी को 6.68 करोड़ डॉलर का कर बाद नुकसान हुआ जबकि 2019 में कंपनी ने 5.38 करोड़ डॉलर का लाभ कमाया था।
वत्स ने कहा कि दुनिया भर में यात्रा उद्योग पर कोविड वैश्विक महामारी के प्रभाव को देखते हुए 2020 में बीआईएएल का वित्तीय प्रदर्शन कोई अचंभित करने वाला नहीं है।