सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की कमाई के जरियों पर आयकर विभाग की नजर है।
विभाग इसकी पड़ताल कर रहा है और माना जा रहा है कि उसके बाद वह कंपनी के संस्थापक बी रामलिंग राजू और पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी वाडलामणि श्रीनिवास से पूछताछ करेगा।
सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि जगह-जगह से सत्यम समूह से संबंधित खातों को एक जगह मंगा लिया गया है और उनकी छानबीन चल रही है।
आयकर विभाग ने कई बैंकों में कंपनियों के खातों की भी जांच की है और एक बैंक में उन्हें तकरीबन 9 करोड़ रुपये भी मिले हैं। सत्यम को सॉफ्टवेयर निर्यात से होने वाली कमाई पर काफी समय से आयकर की छूट मिल रही थी, इसलिए उस पर आयकर विभाग की नजर टिक गई है।
विभाग देख रहा है कि इस स्रोत से होने वाली कमाई को छूट के चक्कर में कंपनी ने बढ़ा चढ़ाकर तो नहीं दिखाया था। यदि ऐसा है, तो कमाई कहां से हुई है। अगर कमाई किसी देसी कंपनी से हुई है, तो कंपनी को उस पर आयकर देना होगा।
सूत्रों का कहना है कि मामले की व्यापक जांच की जा रही है कि आखिर कमाई गई कहां, और अगर कमाई हुई ही नहीं तो अलग-अलग जगहों पर जमीन खरीदने के लिए कंपनी के पास पैसे कहां से आए।
इसमें कुछ वक्त लग सकता है। अगर राजू को जमानत मिल जाती है तब विभाग राजू के खिलाफ समन जारी कर सकता है या जेल में ही राजू से पूछताछ कर सकता है।