ईडीएस जांचेगी पुराने कर्मियों के रिकॉर्ड

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 9:43 AM IST

वैश्विक सॉफ्टवेयर आउटसोर्सिंग प्रदाता ईडीएस और उसकी भारतीय सहयोगी इकाई एमफेसिस ने मई 2007 से पहले कंपनी में शामिल होने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी है।


एक बाहरी एजेंसी को कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और उसके पिछले रोजगार रिकॉर्ड के ब्योरों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। एक कंपनी के एचआर अधिकारी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक मंदी को लेकर पहले ही कर्मचारियों में अनिश्चितता कायम है और अब पृष्ठभूमि की जांच कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा के लिए बाधक बन सकती है।

उन्होंने कहा कि इस कदम से छंटनी का भय और बढ़ सकता है।  इस बारे में एमफेसिस के प्रवक्ता का कहना है कि कर्मचारियों की जांच का मौजूदा राउंड कंपनी की ओर से समय-समय पर की जाने वाली रुटीन जांच की तरह ही है।

उन्होंने इस कदम से कर्मचारियों के बीच पैदा हुए छंटनी के भय को समाप्त करते हुए कहा कि यह किसी तरह की छंटनी से जुड़ा नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक मई 2007 से पहले नौकरी पाने पाले कर्मचारियों के लिए जांच का मौजूदा राउंड 17 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि ईडीएस-एमफेसिस ने संयुक्त रूप से कहा है कि मौजूदा दौर की जांच में ऐसे कर्मचारियों को भी सत्यापन औपचारिकता के दायरे में लाया जाएगा जो फोन के जरिये रेफरेंस जांच से गुजर चुके हैं।

ह्यूलिट पैकर्ड द्वारा ईडीएस का अधिग्रहण किए जाने के बाद ईडीएस के कर्मचारियों को एमफेसिस में स्थानांतरित कर दिया गया था। खासतौर पर इन्हीं कर्मचारियों की जांच-पड़ताल के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।

एमफेसिस के एचआर अधिकारियों ने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है। औद्योगिक सूत्रों का कहना है कि ईडीएस-एमफेसिस के 400 कर्मचारियों, जिनमें डिलीवरी और परियोजना प्रबंधक जैसे वरिष्ठ कर्मी भी शामिल हैं, में नए ठेकों के अभाव के कारण भय और गहरा गया है।

एक बहुराष्ट्रीय कंसल्टेंसी कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि पृष्ठभूमि की जांच इस मौजूदा आर्थिक मंदी के दौर में छंटनी को बढ़ावा दे सकती है। हालांकि विप्रो और इन्फोसिस जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों की पृष्ठभृमि की जांच शुरू किए जाने की योजनाओं से इनकार कर दिया है।

इन्फोसिस ने छंटनी की आशंकाओं को दरकिनार कर दिया है। प्रमाणीकरण सॉफ्टवेयर डेवलपर वेरीसाइन को अपनी परियोजनाओं से जुड़ने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जाना जाता है।

बेंगलुरु चैम्बर ऑफ इंडस्ट्री ऐंड कॉमर्स (बीसीआईसी) के उपाध्यक्ष एन एन उपाध्याय ने पिछले सप्ताह एक बैठक में कहा था, ‘इस कदम का आवासीय, रिटेल और होटल कारोबार के अलावा निर्माण क्षेत्र पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

सरकार को विभिन्न उद्योग सेगमेंट के साथ विचार-विमर्श कर इस समस्या को गंभीरता से सुलझाना चाहिए।’ सभी क्षेत्र की कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी संतुष्ट होना चाहती हैं।

First Published : December 16, 2008 | 11:04 PM IST