… की आयात पर पाबंदी की मांग

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 10:06 AM IST

जब देश ने पाकिस्तानी सीमेंट के लिए अपने दरवाजे खोले थे तब घरेलू सीमेंट उद्योग ने इसके खिलाफ कोई खास प्रतिक्रिया नहीं जताई थी।


सीमेंट उद्योग ने कहा था कि इससे उनका कारोबार प्रभावित नहीं होगा, लेकिन अब घरेलू सीमेंट उद्योग ने सीमेंट के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने और देश से निर्यात को बढ़ावा दिए जाने की मांग की है।

दरअसल एक तो मंदी का कोढ़ और उसके ऊपर आयात के कारण घरेलू बाजार में माल की अधिकता के कारण सीमेंट कंपनियों को खतरा साफ नजर आने लगा है।वसूली में गिरावट, ताजा क्षमता में इजाफा और आर्थिक मंदी ने सीमेंट निर्माताओं को मुसीबत में डाल दिया है।

देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी एसीसी ने इस स्थिति से कुछ हद तक निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश में 24 लाख टन क्षमता वाला अपनी इकाई पर एक पखवाड़े के लिए ताला जड़ दिया है।

सीमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन (सीएमए) के अध्यक्ष एच. एम. बांगुर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए हम सीमेंट के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं। आयातित सीमेंट पर काउंटर-वेलिंग डयूटी (सीवीडी) नहीं होने की वजह से उद्योग अनावश्यक तरीके से खर्च कर रहा है और राजस्व में नुकसान उठा रहा है।’

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस उद्योग को संपूर्ण निर्यात की अनुमति देनी चाहिए। मौजूदा समय में सिर्फ गुजरात स्थित बंदरगाहों से ही निर्यात की अनुमति दी गई है।

सीएमए के नए आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-नवंबर के दौरान सीमेंट और क्लिंकर का निर्यात 7.5 फीसदी की गिरावट के साथ 37 लाख टन रह गया जबकि पिछले साल  की समान अवधि में यह 40 लाख टन था।

बांगुर राजस्थान की श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक भी हैं। उन्होंने कहा, ‘आयातित सीमेंट पर प्रत्येक बोरे पर लगभग 40-50 रुपये की कर छूट प्रदान की जा रही है। हालांकि यदि आयातित सीमेंट 20-25 रुपये प्रति बोरे के डिस्काउंट पर उपलब्ध है तो यह छूट कोई बड़ी छूट नहीं है।’

20.64 करोड़ टन के सीमेंट उद्योग पर एसीसी, अंबुजा, ग्रासिम, अल्ट्राटेक, इंडिया सीमेंट्स और श्री सीमेंट्स का आधे से ज्यादा का नियंत्रण है। सीमेंट उद्योग ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ टन की नई क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है जिसके साथ ही सीमेंट उद्योग की क्षमता बढ़ कर 23 करोड़ टन हो जाएगी।

First Published : December 19, 2008 | 11:19 PM IST