फिनटेक फर्म पेटीएम ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का घाटा 3,629 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 1.4 फीसदी ज्यादा है। डिजिटल लेनदेन में इजाफा और छोटे कारोबारियों के बीच पीओएस उपकरणों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी से यह संभव हो पाया।
नोएडा की फर्म का दावा है कि उसका नुकसान सालाना आधार पर 40 फीसदी कम हुआ। साथ ही कंपनी को लग रहा है कि इससे वह साल 2022 में लाभ में आ जाएगी। वित्त वर्ष 2019 में उसका नुकसान 4,217.20 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी के पमेंट व वित्तीय सेवाओं से 1.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट साझेदारों ने फायदा उठाया। कंपनी ने कहा कि कुल लेनदेन सालाना आधार पर 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ा, वहीं उसने पेटीएम फॉर बिजनेस ऐप, साउंडबॉक्स, बिजनेस खाता, पेआउट सर्विसेज जैसी नई चीजें पेश की ताकि देश के छोटे कारोबारियोंं को मदद मिले। उसके एंड्रायड पीओएस ने 2 लाख यूनिट की बिक्री दर्ज की है।
कंपनी के अध्यक्ष मधुर देवड़ा ने कहा, डिजिटल वित्तीय सेवाओं के जरिए हम लाखों भारतीय को सशक्त करने की राह पर हैं, जो आत्मनिर्भर भारत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।