कॉफी डे जुटाएगी 450 करोड़ रु.!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:46 AM IST

कॉफी का निर्यात और खुदरा कारोबार, वेल्थ मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में काम करने वाली बेंगलुरु की 800 करोड़ रुपये की कंपनी कॉफी डे होल्डिंग्स प्राइवेट इक्विटी के जरिये 450 करोड़ रुपये जुटाने की जुगत में लगी हुई है।
देशभर में अपने कैफे कॉफी डे कॉफी चेन के लिए मशहूर इस कंपनी 15 करोड़ डॉलर के कर्ज का कुछ हिस्सा चुकाने के ख्याल से फंड जुटाने की कोशिश में लगी हुई है। कंपनी ने डयूश बैंक और डार्बी इन्वेस्टमेंट (फ्रैंकलिन टेम्पल्टन का एक हिस्सा) से यह राशि बतौर कर्ज ली है। कॉफी डे ने यह रकम 2007 के अंत और 2008 के शुरुआत में यह कर्ज दो किस्तों में ली थी।
कंपनी इन फंडों के जरिये अपनी कॉफी बार चेन का विस्तार करेगी, साथ ही हॉस्पिटैलिटी कारोबार का भी विस्तार करेगी। हालांकि इस बाबत कॉफी होल्डिंग्स की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कॉफी डे होल्डिंग अमलगेमेटेड बीन कॉफी ट्रेडिंग कंपनी (काफी उत्पादन और निर्यात कारोबार), कैफे कॉफी डे, कॉफी डे होटल्स ऐंड रिसॉर्ट, रिटेल ब्रोकिंग कंपनी वे टू हेल्थ, ग्लोबल टेक्नोलॉजी वेंचर्स (वेंचर कैपिटल) और टैंगलिन डेवलपमेंट (एक रियल एस्टेट कंपनी, जिसने बेंगलुरु, मैसूर और मंगलूर में सॉफ्टवेयर पार्क बनाया) की होल्डिंग कंपनी है।
ऐसा भी माना जा रहा है कि कंपनी के पास महाराष्ट्र के पुणे में जमीन का एक प्लॉट भी है, जहां टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए वाणिज्यिक कार्यालय बनाए जा सकते हैं। कॉफी डे होल्डिंग वी. जी. सिद्धार्थ द्वारा प्रवर्तित कंपनी है, जिसने बेंगलुरु से 250 किलोमीटर दूर चिकमंगलूर से कॉफी निर्यात का काम शुरू किया था।
कंपनी के पास कॉफी उत्पादन के लिए 5000 एकड़ जमीन है और इस आधार पर यह देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी ने जून 2007 में डयूश बैंक से 12.5 करोड़ डॉलर का ऋण लिया था। यह कर्ज कंपनी की 20 करोड़ डॉलर की ऋण योजना से संबंधित था। इससे पहले कंपनी 9.5 करोड़ डॉलर डेट और इक्विटी के जरिए जुटा चुकी थी।
कंपनी की योजना 1,000 कैफे खालने की है, जबकि अभी उसके 800 आउटलेट हैं। कंपनी की अमेरिका, वियना और पाकिस्तान में भी आउटलेट हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह और विस्तार करने की तैयारी कर रही है।

First Published : April 15, 2009 | 11:16 PM IST