कोल इंडिया 30 फीसदी अधिक खर्च करेगी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 9:51 AM IST

कोयला खनन करने वाली सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने पूंजीगत खर्च में 3,000 करोड़ रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। कंपनी अपने अपने इतिहासा में पहली बार पूंजीगत खर्च में वृद्धि की है। इस बढ़ोतरी के साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए कंपनी का पूंजीगत खर्च बढ़कर 13,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।
कंपनी ने अपने एक बयान में कहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान पूंजीगत खर्च में वृद्धि किए जाने से कोल इंडिया सार्वजनिक उपक्रमों के बीच सबसे अधिक खर्च करने वाली कंपनी बन जाएगी। अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये की नई पूंजीगत खर्च योजना के तहत सबसे अधिक कोयला उत्पादन करने वाली कोल इंडिया की सहायक इकाई साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के लिए 800 करोड़ रुपये और उसके बाद कोल इंडिया मुख्यालय के लिए 585 करोड़ रुपये और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के लिए 550 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च शामिल है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के लिए 460 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च शामिल है।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कोल इंडिया ने पूंजीगत खर्च के लिए भूमि अधिग्रहण, भारी अर्थ मूविंग मशीनरी की खरीद, रेल बुनियादी ढांचे के उन्नयन एवं खदान विकास की पहचान की है।’ उन्होंने कहा कि अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान कंपनी पूंजीगत खर्च के लिए अपने मूल बजट में से 78 फीसदी हिस्से का उपयोग कर लिया है।
अधिकारी ने कहा, ‘कोल इंडिया को मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि दिसंबर 2020 के अंत तक 7,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च उपयोग को हासिल कर लिया जाए। इसके मुकाबले वास्तविक पूंजीगत खर्च उपयोगिता 7,801 करोड़ रुपये की रही जो 301 करोड़ रुपये अधिक है।’

First Published : January 13, 2021 | 11:55 PM IST