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HDFC Bank के शेयर में इस साल 25% से ज्यादा गिरावट, आखिर क्यों टूट रहा है स्टॉक?

HDFC Bank का शेयर 2026 में 25% से ज्यादा गिरा है। जानिए गिरावट की बड़ी वजहें और शेयर पर एक्सपर्ट्स की राय

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सलोनी गोयल   
Last Updated- August 07, 2026 | 2:57 PM IST

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के शेयरों के लिए साल 2026 अब तक अच्छा नहीं रहा है। इस साल बैंक का शेयर 25% से ज्यादा गिर चुका है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। ACE Equity के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को HDFC Bank का शेयर 991.2 रुपये पर था। 5 अगस्त 2026 तक यह गिरकर 735 रुपये पर आ गया। यानी इस दौरान शेयर में करीब 25.85% की गिरावट आई।

शेयर में गिरावट के कारण HDFC Bank की बाजार पूंजी भी करीब 3.9 लाख करोड़ रुपये घटकर 11.32 लाख करोड़ रुपये रह गई है। 7 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 2:19 बजे HDFC Bank का शेयर 0.72% की गिरावट के साथ 729 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। इस बीच Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस्टोफर वुड ने भी HDFC Bank से अपना निवेश निकालने की बात कही है।

HDFC Bank में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

जून तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के पास HDFC Bank की करीब 41.8% हिस्सेदारी थी। म्युचुअल फंड के पास 30.6% और छोटे निवेशकों के पास करीब 10.32% हिस्सेदारी थी। इससे पता चलता है कि HDFC Bank का शेयर विदेशी निवेशकों, म्युचुअल फंड और छोटे निवेशकों के बीच बड़े पैमाने पर मौजूद है।

आखिर क्यों गिर रहा है HDFC Bank का शेयर?

1. HDFC के साथ विलय के बाद बढ़ी परेशानी

जुलाई 2023 में HDFC और HDFC Bank का विलय हुआ था। इसके बाद HDFC Bank का कारोबार और बैलेंस शीट काफी बड़ी हो गई। लेकिन इसके साथ बैंक की मुश्किलें भी बढ़ीं। दरअसल, विलय के बाद बैंक को ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ने लगी। दूसरी तरफ, बैंक के पास कम ब्याज पर मिलने वाली जमा यानी बचत और चालू खातों में जमा पैसे की हिस्सेदारी घट गई। ऐसे में बैंक को ज्यादा ब्याज वाली जमा और दूसरे महंगे तरीकों से पैसा जुटाना पड़ा। Ventura Securities के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के मुताबिक, इसी वजह से बैंक के लिए पैसा जुटाना महंगा हो गया और उसकी लागत बढ़ गई।

2. बैंक के मार्जिन पर दबाव

महंगी जमा का सीधा असर बैंक के मुनाफे पर पड़ा है। HDFC Bank का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM घटकर 3.3% से नीचे के स्तर पर आ गया है। आसान भाषा में कहें तो बैंक कर्ज देकर जितना ब्याज कमा रहा है और जमा पर जितना ब्याज चुका रहा है, उनके बीच का अंतर दबाव में है। बैंक का लोन कारोबार बढ़ा, लेकिन उसी रफ्तार से ब्याज से होने वाली कमाई नहीं बढ़ी। इसी वजह से मुनाफे की रफ्तार भी कमजोर रही और शेयर पर दबाव बना। Bonanza की रिसर्च एनालिस्ट खुशी मिस्त्री के मुताबिक, बैंक फिलहाल तेजी से कर्ज बढ़ाने के बजाय अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। इससे कमाई की रफ्तार कुछ धीमी हुई है।

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3. कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंता

HDFC Bank के शेयर पर मैनेजमेंट से जुड़ी कुछ चिंताओं का भी असर पड़ा है। SBI Securities के सनी अग्रवाल के मुताबिक, बैंक के पार्ट-टाइम एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस घटना से बैंक की कमाई या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा सीधा असर नहीं पड़ा, लेकिन निवेशकों का भरोसा जरूर थोड़ा कमजोर हुआ।

क्या अब HDFC Bank का शेयर खरीदना चाहिए?

इतनी परेशानियों के बाद भी कुछ एक्सपर्ट HDFC Bank के शेयर को लेकर लंबी अवधि के लिए पॉजिटिव हैं। इसकी बड़ी वजह बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति और HDFC के साथ हुए विलय से आगे मिलने वाले फायदे हैं।

SBI Securities के सनी अग्रवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में बैंक का लोन कारोबार अच्छी रफ्तार से बढ़ सकता है। खासकर रिटेल लोन और छोटे-मझोले कारोबार से बैंक को अच्छी ग्रोथ मिलने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, मौजूदा भाव पर HDFC Bank का शेयर निवेश के लिए आकर्षक दिख रहा है।

वहीं, Ventura Securities के विनीत बोलिंजकर का कहना है कि शेयर में बड़ी तेजी के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। बैंक का मार्जिन सुधरना, कम लागत वाली जमा यानी CASA बढ़ना और कमाई की रफ्तार तेज होना जरूरी है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : August 7, 2026 | 2:50 PM IST